सीएम ने आह्वान किया कि उद्यमियों को प्रदेश की आर्थिक समृद्धि, विकास एवं लोगों का जीवन स्तर सुधारने के लिए सरकार की योजना का लाभ उठाते हुए औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए आगे आना चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं भी बनेंगी।
चेम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधि मंडल ने सीएम को सुझाव दिया कि रेडीमेड गारमेंट्स के लिए कम जगह की आवश्यकता होती है। ऐसे में लोगों को छोटे शेड बनाकर दिए जाए तो ज्यादा लोग लाभान्वित होंगे। गारमेंट उद्योग सरीखे उद्योग प्रदूषण से मुक्त हैं। अत्यंत छोटे उद्यमियों द्वारा इनका संचालन किया जाता है। इसके लिए गोरखपुर के औद्योगिक क्षेत्र में फ्लैटेड कांप्लेक्स की स्थापना की जाए।
चेंबर के अध्यक्ष विष्णु अजीत सरिया ने बताया कि सीएम ने आश्वस्त किया कि उद्योगों के लिए प्रदेश में जमीन की कोई कमी नहीं होने देंगे। कोरोना कॉल में विभिन्न प्रदेशों से घर वापसी करने वाले 15000 कारीगर में अधिकांश को गारमेंट उद्योग में काम मिल रहा है।
महायोजना में सात प्रतिशत औद्योगिक क्षेत्र के प्रावधान को सख्ती से लागू करें
चेंबर आफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विष्णु प्रसाद अजित सरिया एवं पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार अग्रवाल ने सीएम को बताया कि गोरखपुर महानगर की 2021-31 की प्रस्तावित महायोजना में 7 फीसदी औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है। भारत सरकार के मानक के मुताबिक इसे 7 से 9 फीसदी होना चाहिए।