0- उप्र पॉवर कारपोरेशन के एमडी ने की समीक्षा बैठक, गीडा उपकेंद्र का भी किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। उप्र पॉवर कारपोरेशन के एमडी पी गुरुप्रसाद ने बुधवार को मोहद्दीपुर मुख्य अभियंता कार्यालय में समीक्षा बैठक की। औद्योगिक इकाई गीडा में बिजली आपूर्ति को बेहतर और निर्बाध बनाए रखने का निर्देश दिया। कहा, गीडा में औद्योगिक इकाइयां हैं।
कहा कि यहां बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से करोड़ों रुपये के व्यापार पर प्रभाव पड़ता है। आस-पास के प्रदेश के व्यापारी भी यहां निवेश करने आ रहे हैं। कई बड़ी कंपनियों ने अपना उद्योग यहां शुरू करने का फैसला किया है। ऐसे में पर्याप्त बिजली आपूर्ति का इंतजाम बनाए रखना बिजली निगम की जिम्मेदारी है।
एमडी ने सभी अभियंताओं के सामने ही एकमुश्त समाधान की प्रगति रिपोर्ट देखी। पाया कि अभी यहां योजना को प्रभावी बनाने की रफ्तार काफी सुस्त है। खासकर बिजली चोरी वाले मामलों में अभी तक पंजीकरण और निस्तारण न के बराबर हुआ है। जोन प्रथम में बिजली चोरी के सात हजार से अधिक मामले हैं। लेकिन अभी तक इनमें इक्का-दुक्का लोगों ने ही पंजीकरण करवाया है।
कहा कि इसके अलावा ओटीएस की जानकारी बैनर, स्टीकर, साउंड और अन्य माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। अवर अभियंता और लाइनमैन अपने स्तर से जाकर उपभोक्ताओं से संपर्क बनाकर बिलिंग व्यवस्था की प्रगति देखें। इस दौरान अधीक्षण अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह, रमेश श्रीवास्तव, विनोद कुमार, अधिशासी अभियंता गीडा सोमदत्त शर्मा, मनीष झा आदि मौजूद रहे।
0- गीडा में बन सकता है एक और बिजली घर
गीडा की तरफ से कुछ दिन पहले बिजली निगम के पास प्रस्ताव आया था। मांग की गई थी कि औद्योगिक इकाइयों के लिए निगम गीडा के बजट पर चार बे (कॉरिडोर) बनावा दे। दरअसल, 132 ट्रांसमिशन से आने वाली लाइन को 33 केवी (आउटगोइंग) में बदलने को बे या कॉरिडोर कहते हैं। गीडा ने ऐसे ही चार बे के लिए पत्र लिखा। बुधवार को एमडी ने गीडा उपकेंद्र जाकर भौतिक निरीक्षण किया। मुख्य अभियंता आशु कालिया ने बताया कि गीडा के प्रस्ताव पर एमडी ने भौतिक निरीक्षण किया। यहां चार बे बनाने या एक नया उपकेंद्र बनाए जाने की संभावनाओं को तलाशा गया। गीडा को बेहतर बिजली देने के लिए आने वाले समय में एक नया उपकेंद्र भी बनाया जा सकता है।