बिजली निगम में लंबे समय बाद की गई पदोन्नति को 13 दिनों बाद ही निरस्त किए जाने पर अभियंताओं ने नाराजगी जताई है। विरोध में गुरुवार को मुख्य अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन कर निरस्त की गई पदोन्नति को तत्काल बहाल किए जाने की मांग की। गोरखपुर समेत प्रदेश के सभी जिलों में इसके विरोध में मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया।
अभियंता संघ के जिला सचिव ऐश्वर्य सिंह ने कहा कि प्रबंधन की तरफ से पदोन्नति के बाद इसे निरस्त करने की कार्रवाई अपमानजनक एवं उत्पीड़नात्मक है। इसी के विरोध में अनपरा, ओबरा, पारीछा, हरदुआगंज, पनकी, खारा समेत सभी परियोजनाओं सहित पूरे प्रदेश में जनपद मुख्यालयों पर अभियंताओं ने विरोध स्वरूप नारेबाजी की। कहा कि अभियंताओं की न्यायसंगत समस्याओं के समाधान के प्रति इस प्रबंधन के उपेक्षापूर्ण, हठवादी एवं उत्पीड़नात्मक रवैये के चलते ऊर्जा निगमों में टकराव का माहौल बन रहा है।
ऊर्जा मंत्री द्वारा त्योहारों में निर्बाध आपूर्ति की व्यवस्था को बहाल रखने के लिए पूर्व के आंदोलनों को स्थगित करने को कहा गया था। इसपर सहमति बनाकर आंदोलनों को स्थगित कर दिया गया था लेकिन अकारण प्रबंधन फिर से अभियंताओं की पदोन्नतियों को निरस्त कर आंदोलन करवाने पर बाध्य कर रही है। विरोध में अभियंता ट्रांसमिशन और वितरण संवर्ग के अभियंता शामिल रहे।