गोरखपुर में एक इंजीनियर का शव संदिग्ध हालात में उनके कमरे में मिला है। उनका फ्लैट चार दिन से बंद था। फ्लैट से दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
सहारा एस्टेट के मल्हार अपार्टमेंट में रहने वाले इंजीनियर अभिषेक त्रिपाठी (45) की लाश संदिग्ध हालात में कमरे में मिली है। उनका फ्लैट चार दिन से बंद था। शुक्रवार सुबह दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो प्रथम तल के कमरे में अभिषेक का शव सोफे पर मिला।
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अभिषेक मूलरूप से कुशीनगर के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के महासोन गांव के रहने वाले थे। पैडलेगंज में रहने वाली उनकी बहन अर्चना त्रिपाठी ने बताया कि अभिषेक आईआईटी से पढ़े थे और दिल्ली की एक निजी कंपनी में इंजीनियर थे।
चार साल पहले नौकरी छूटने के बाद से वह मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। सहारा एस्टेट के कमरा नंबर 2/202 में वह अकेले रहते थे। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने से डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित कर लिया है।
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बहन ने बताया कि अभिषेक कई बार लोगों से अभद्र भाषा में बात करते थे। इस वजह से रिश्तेदार उनसे दूरी बनाए रखते थे। अर्चना के अनुसार, छोटा भाई अंबरीष अमेरिका में रहता है। वही अभिषेक का खर्च उठाता था। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जो तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।