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Gorakhpur News: पार्ट टाइम पीएचडी के लिए नियमों को और लचीला बनाएगा गोरखपुर विश्वविद्यालय

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गोरखपुर। नौकरीपेशा लोगों के लिए अच्छी खबर है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पार्ट टाइम पीएचडी के लिए नियमों को और लचीला बनाया जाएगा। इसे लेकर योजना बनाई जा रही है।
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डीडीयू में पार्ट टाइम पीएचडी की शुरुआत करीब दो वर्ष पहले हुई थी। उसके बाद से ही इसे लेकर रुचि स्पष्ट रूप से दिखी है। वर्तमान में चल रही सत्र 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया में 55 सीटों के लिए कुल 188 आवेदन आए थे। इसके बाद से ही डीडीयू प्रशासन ने सीटें बढ़ाए जाने को लेकर योजना बनानी शुरू की है। इसका उद्देश्य यह है कि पीएचडी करने की इच्छा रखने वाले नौकरीपेशा लोग भी शोध कर सकें।

बताया जा रहा है कि पार्ट टाइम पीएचडी में प्रवेश के लिए नियमों को लचीला बनाए जाने को लेकर राजभवन ने भी दिशा-निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य यह है कि नौकरीपेशा लोगों के लिए आवेदनों की जटिलताओं को कम किया जा सके। इसे लेकर नई नियमावली बनाई जाएगी।
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असिस्टेंट प्रोफेसर भी करा सकेंगे पार्ट टाइम पीएचडी, बढ़ेंगी सीटें
अब तक पार्ट टाइम पीएचडी के लिए शोध निर्देशक के रूप में सिर्फ प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर ही नियुक्त किए जाते हैं। अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिल सके, इसके लिए अब असिस्टेंट प्रोफेसर को भी शोध निर्देशक बनाए जाने की योजना है। ऐसा होने की स्थिति में सीटों में भी वृद्धि होगी।


बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि पार्ट टाइम पीएचडी के लिए आवेदकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अधिक से अधिक नौकरीपेशा लोग शोध कर सकें, इसके लिए नियमों को और लचीला बनाए जाने की योजना है। इससे सीटों में भी वृद्धि होगी।
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