नाले के बीच से जा रही अंडरग्राउड हाई टेंशन लाइन।
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गोरखपुर शहर के हुमायूंपुर चौराहे से तरंग क्रॉसिंग तक बन रहे नाले के बीच से जा रही अंडरग्राउंड एचटी लाइन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में नगर निगम और बिजली निगम के अफसर एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को बिजली निगम के अधिशासी अभियंता यदुनाथ राम मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि नाला दो जगह तोड़ने के बाद ही केबल को अलग किया जा सकता है। उन्होंने इस संबध में नगर निगम को पत्र लिखने की बात कही। निरीक्षण के दौरान पहुंचे पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने अधिकारियों से कहा कि लाखों खर्च के बाद भी जानलेवा लापरवाही की जा रही है।
दरअसल, नगर निगम हुमायूंपुर चौराहे से तरंग क्रॉसिंग तक करीब 40 लाख रुपये की लागत से नाला निर्माण कर रहा है। निगम ने जहां नाला निर्माण किया है, वहां एचटी लाइन दिख रही है। हाइटेंशन लाइन और लो-टेंशन लाइन के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग की गहराई का भी मानक निर्धारित है। हाईटेंशन लाइन तकरीबन एक मीटर की गहराई में और लो-टेंशन लाइन आधे मीटर की गहराई में डाली जाती है। नाला निर्माण में बिजली निगम के मानक की कलई खुल गई है।
पार्षद ऋषिमोहन वर्मा ने कहा कि नाला सफाई के दौरान बिजली के केबल के कटने की पूरी आशंका है। कई बार इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन निर्माण कार्य जारी है। अब अधिकारी गलती स्वीकार रहे हैं। नगर निगम के इंजीनियर अभी भी नहीं पहुंचे हैं। इसकी शिकायत महापौर और नगर आयुक्त से की जाएगी।
बिजली निगम अधिशासी अभियंता यदुनाथ राम ने कहा नगर निगम के अधिकारियों को निर्माण के दौरान एचटी लाइन दिखने पर काम रोककर बिजली निगम को सूचित करना चाहिए। निर्माण के दौरान ही बड़ा हादसा हो सकता था। अब नाला तोड़कर ही इसे ठीक किया जा सकता है। इस बाबत नगर निगम को पत्र लिखा जाएगा। नगर निगम को दो स्थानों पर नाले को तोड़ना पड़ेगा। इसके बाद वहां से बिजली का केबल या तो और खुदाई कर अंडरग्राउंड कर दी जाएगी या फिर ऊपर से ही कहीं रखने की व्यवस्था की जाएगी।