बिजली उपभोक्ताओं का नो योर कस्टमर (केवाईसी) अपडेट करने में भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। कारपोरेशन ने जोन के करीब 16.39 लाख उपभोक्ताओं के केवाईसी को रिजेक्ट कर दिया है। साथ ही केवाईसी का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
ऊर्जा निगम के चेयरमैन के निर्देश पर गोरखपुर जोन के सभी खंडों के 21.89 लाख उपभोक्ताओं का 30 सितंबर तक केवाईसी होना था। अभियंताओं ने तय समय के अंदर 16.39 लाख उपभोक्ताओं का केवाईसी कर रिपोर्ट भेज दी। केवाईसी के लिए अभियान शुरू होने से पहले 8.50 लाख कनेक्शनों का केवाईसी हुआ था।
अभियान में 8 लाख कनेक्शनों के उपभोक्ताओं का केवाईसी किया गया। इसमें भी कुछ घपला करने की कोशिश की गई। बिलिंग एजेंसी के मीटर रीडरों ने भी बहुत से कनेक्शनों पर एक ही मोबाइल नंबर व वाट्सएप नंबर सिस्टम में फीड कर दिया।
अभियंताओं के इस गड़बड़झाले को शक्तिभवन ने सत्यापन में पकड़ा। कारपोरेशन ने एमडी ने हाल ही में वीसी में अभियंताओं को कड़ी फटकार लगाने के साथ ही कहा कि सभी केवाईसी का नए सिरे से सत्यापन कर दोबारा एक माह में रिपोर्ट भेजें। हर हाल में प्रत्येक कनेक्शन का केवाईसी तय समय में होना है।
गोरखपुर जोन के मुख्य अभियंता आशु कालिया ने कहा कि जोन के विभिन्न वितरण मंडलों से भेजे गए 16.39 लाख कनेक्शनों के केवाईसी को कारपोरेशन ने नहीं माना है। नए सिरे से सभी केवाईसी का सत्यापन करने का निर्देश मिला है। इसके लिए जोन के सभी वितरण खंडों को दिशा-निर्देश जारी किया है।