गोरखपुर में एक हफ्ते में दो बार बिजली बिल आने से उपभोक्ता परेशान हैं। कुछ तो ऐसे भी हैं जिन्होंने बिल जमा कर दिया, उसके बाद भी बिल भेज दिया गया। बार-बार बिल मिलने से उपभोक्ता परेशान हैं।
उपकेंद्र जाकर शिकायत करने पर पता चलता कि पहली बार गड़बड़ी वाले बिल में सुधार के बाद सिस्टम अपडेट होता है। इसके अपडेट होने के बाद कनेक्शन पर अपने आप कुछ रुपये का बिल जुड़कर आ जाता है। जैसे उपभोक्ता के बिल में गड़बड़ी है। उसके द्वारा शिकायत करने पर उपभोग की गई बिजली मीटर रीडिंग की गणना के हिसाब से नया बिल देकर गलत बिल में सुधार किया जाता है। इसे भुगतान कर उपभोक्ता अपना बिल जमा मान लेता है। लेकिन, ऐसे उपभोक्ताओं के पास दोबारा मोबाइल पर बिल जमा करने का मैसेज आ रहा।
अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं के पास अगर बार-बार बिजली बिल आ रहा है तो घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें अधिशासी अभियंता या उपखंड अधिकारी से मिलना चाहिए। समस्या का समाधान हो जाएगा।
केस 1
मोहद्दीपुर के अमित यादव ने बताया कि दो किलोवाट का घरेलू कनेक्शन है। बिल में गड़बड़ी थी तो शिकायत करने पर मीटर रीडिंग के साथ उपखंड कार्यालय पर बुलाया गया। रीडिंग के अनुसार बिजली बिल बन गया। 13 तारीख को बिल जमा करने के बाद मोबाइल पर 20 तारीख को दोबारा बिल आ गया। उपखंड जाकर पूछा तो पता चला कि बिल की गड़बड़ी को सही करने के बाद अपडेट होने पर ये बिल जुड़ गया है।
केस 2
तारामंडल के मानवेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि तीन किलोवाट का घरेलू कनेक्शन है। 16 तारीख को बिजली बिल का भुगतान कर दिया था। 21 तारीख को वापस मोबाइल पर बिल जमा करने का मैसेज आ गया। जाकर पूछा तो पता चला कि बिल की गड़बड़ी सही करने के बाद उसे सर्वर पर अपडेट करने के बाद का बिल है। अब परेशानी हो रही कि जब बिल की गड़बड़ी सर्वर के चलते है तो भुगतान उपभोक्ता को क्यों करना पड़े?