देवरिया में टिनशेड में करंट उतर आया। करंट की चपेट में आने से सेना के जवान समेत तीन की मौत हो गई। पांच अन्य लोग झुलस गए। इनमें दो की हालत गंभीर है। हादसे के बाद गांव में सनसनी फैल गई।
देवरिया जिले के लार थानाक्षेत्र के जनुआ गांव में शुक्रवार की शाम टिनशेड लगाने के दौरान पाइप में करंट उतर जाने से सेना के जवान समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें दो चचेरे भाई थे। वहीं पांच अन्य लोग झुलस गए। इनमें दो को गंभीर हालत में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
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लार थाना क्षेत्र के जनुआ गांव निवासी कृष्ण बिहारी पांडेय का बेटा मोनू सेना में जवान था और फिलहाल जम्मू में तैनात था। चचेरी बहन की शादी में शरीक होने के लिए वह छुट्टी लेकर गांव आया हुआ था। नौ मई को शादी बीतने के बाद गांव पर ही रुका हुआ था।
शुक्रवार कृष्ण बिहारी के घर पर टिनशेड लगाया जा रहा था। इस दौरान गांव के कई लोग जुटे हुए थे। टिनशेड उठाकर सेट कराने के दौरान ही वहां से गुजरे बिजली के केबल से पाइप सट गया।
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पाइप में करंट उतर जाने से टिनशेड पकड़े सभी लोग करंट की चपेट में आ गए और छटपटाने लगे। इससे हादसे से अफरातफरी मच गई। आनन-फानन मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति बंद कराई।
हालांकि जब तक बिजली आपूर्ति बंद हुई कृष्ण बिहारी के बेटे मोनू पांडेय (27), गांव के ही रामप्रवेश के बेटे पवन कुशवाहा (18) और मोनू के चचेरे भाई शिवम उर्फ गुंजन पांडेय (22) पुत्र भरत पांडेय की मौत हो चुकी थी। इस हादसे के बाद कृष्ण बिहारी समेत करंट की चपेट में आए अन्य लोगों के परिवार में चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव में सनसनी फैल गई।
जवान के पिता समेत दो मेडिकल कॉलेज में भर्ती
हादसे में वेद प्रकाश पांडेय (22) पुत्र लाल बहादुर पांडेय, अजय रजक (22) पुत्र जितेंद्र रजक, शत्रुघ्न पांडेय (55) पुत्र लाल बहादुर, कृष्ण बिहारी पांडेय (55) पुत्र नगीना पांडेय और राजमिस्री जयशंकर शर्मा (25) पुत्र अश्वनी निवासी सजांव गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को सीएचसी लार पहुंचाया गया, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने कृष्ण बिहारी पांडेय और शत्रुघ्न को मेडिकल काॅलेज देवरिया रेफर कर दिया। वहीं जयशंकर शर्मा, अजय रजक, वेद प्रकाश का सीएचसी लार में ही इलाज हुआ, रात में उन्हें छुट्टी दे दी गई।
गांव में ठंडे पड़े रहे चूल्हे... सिसकियों से टूटता रहा सन्नाटा
लार के जनुआ गांव में करंट की चपेट में आने से चचेरे भाइयों समेत तीन की मौत से मातम छा गया। शुक्रवार की शाम को गांव में चुल्हे नहीं जले। रात में हादसे के शिकार लोगों के परिजनों की सिसकियों से सन्नाटा टूटता रहा। चचेरी बहन की शादी में शरीक होने एक माह पहले मोनू पांडेय सेना की नौकरी से छुट्टी लेकर घर आए थे। शादी सम्पन्न होने के बाद पशुओं को रखने के लिए घर से सटे टीन सेड रखवा रहे थे। इस दौरान करंट प्रवाहित हो गई।
जिससे मौके पर ही मोनू सहित तीन की झुलस कर मौत हो गई। यह देख बचाव करने दौड़े पांच अन्य लोग भी झुलस गए।परिजनों के मुताबिक 27 वर्षीय मोनू पांडेय बचपन से ही होनहार थे। अपनी मेहनत के दम पर 2019 में आर्मी में भर्ती हुए।अलग अलग जगहों पर तैनाती हुई। इधर घर मे 9 मई को चचेरी बहन के शादी में घर आए थे। शादी धूम धाम से सम्पन्न होने के बाद घर पर ही रुके थे।
शुक्रवार को पशुओं को रखने के लिए टीन शेड बनवा कर रखवा रहे थे। तभी दीवार से सटे केबल से शेड स्पर्श कर गया। जिससे करंट प्रवाहित हो गया। जिससे मोनू पवन शिवम की झुलसने से मौत हो गई। यह देख अफरा तफरी मच गई। बचाव करने दौड़े अन्य पांच लोग भी इसके संपर्क में आकर झुलस गए। तीनो की मौत से गांव में कोहराम मच गया। किसी के भी घर चूल्हे नहीं जले। चारों तरफ फैले सन्नाटे को चीरते हुए महिलाओं की चीख पुकार सुनाई दे रही है। वहीं रात में ही लोगों का आना जाना शुरू हो गया है।
बेटे की शादी देखने की इच्छा रह गई अधूरी
मोनू पांडेय दो भाई में छोटे थे।घर मे शादी के लिए रिश्तेदारों का आना जाना शुरू था। परिवार के लोग भी अच्छे रिश्ते की तालस कर रहे थे। मां सुशीला देवी बेटे को दूल्हे के परिधान में देखना चाहती थी। पर उन्हें क्या पता। की नियति को कुछ और ही मंजूर थी। घटना के बाद से मां बदहवास है। वहीं झुलसे पिता अपने को कोस रहे हैं।