शाहपुर इलाके की 62 वर्षीय बुजुर्ग महिला शिक्षक को करीब दो घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने 3.10 लाख रुपये की जालसाजी कर दी। जालसाजों ने आईबी का अफसर बनकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तारी का धौंस देकर पहले डराया फिर ड्रग्स केस में भी फंसाए जाने की धमकी दी। इसके बाद डरकर महिला शिक्षक ने रुपये ट्रांसफर कर दिए। साइबर अपराध थाने में शिकायत आने के बाद पुलिस खाता फ्रीज कराकर जांच पड़ताल में जुट गई।
जानकारी के मुताबिक, शाहपुर के गीता वाटिका के पास रहने वाली बुजुर्ग महिला घर में अकेली ही रहती है। एक प्राइवेट कॉलेज में वह शिक्षक भी हैं। मंगलवार की दोपहर में उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को आईबी का अफसर बताया और मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के दौरान नाम आने की जानकारी दी। बताया कि ड्रग्स की भी जांच चल रही है, उसमें भी आप का नाम आ रहा है। यह सुनने के बाद वह डर गई।
डिजिटल अरेस्ट कर की ठगी।
- फोटो : amar ujala
थोड़ी देर बाद उनके पास एक वीडियो कॉल आया, उसे उठाने के बाद कुछ लोग पुलिस अफसरों की वर्दी में नजर आए। इसके बाद वह और डर गई और रोने लगी। मदद की गुहार लगाने लगी तो ठग ने मदद के लिए रुपये भेजने को कहा। बताया कि रुपये आने के बाद वह अपने बड़े साहब से बात कर देगा और फिर मामले को रफा-दफा करा दिया जाएगा।
डरकर महिला उसकी बातों में आ गई और फिर फोन कट गया। फिर उनके पास एक कॉल आया और फिर से रुपये भेजने के लिए खाता नंबर दिया गया। इसके बाद पीड़िता ने बताए गए खाते में जाकर रुपये आरटीजीएस कर दिया।
रुपये भेजने के बाद पीड़िता ने भांजी को घटना के बारे में बताया। उसने जालसाजी की बात कहते हुए एक परिचित डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर की मदद से महिला साइबर थाने पहुंची और फिर पुलिस ने खाते को सीज कराया है।
डिजिटल अरेस्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा भी हो चुकी है डिजिटल अरेस्ट
अक्तूबार माह में इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाली नागालैंड की छात्रा को डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने 38 हजार रुपये वसूल लिए। इस मामले में साइबर अपराध थाने की पुलिस ने चार हजार रुपये छात्रा के अकाउंट में वापस करा दिए हैं। हैदराबाद के खाते में 34 हजार रुपये गए थे। बहुत जल्द पुलिस टीम हैदराबाद जाएगी।
Podcast :कहीं आप भी ना बन ऐसे कॉल का शिकार! जानिए क्या है डिजिटल अरेस्ट !
- फोटो : self
पहले आए डिजिटल अरेस्ट के मामले
31 जुलाई: शाहपुर हरिद्वारपुरम कालोनी निवासी ऑलविन अर्विन्द बर्नाड को 33 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा।
फरवरी माह: कैंट इलाके के एक कंपनी के मैनेजर को डिजिटल अरेस्ट कर 14 लाख 96 हजार रुपये वसूले।
जनवरी माह: सिविल लाइन इलाके की प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 12.56 लाख वसूले।
साइबर अपराध से बचाव और सावधानियां
- डिजिटल अरेस्ट कभी पुलिस नहीं करती है, ऐसी अफवाह से बचें।
- सोशल मीडिया पर टास्क पूरा कर रुपये कमाने जैसे लुभावने ऑफर बचें।
- पुलिस अधिकारी बनकर कोई वीडियो कॉल करे तो, तत्काल इसकी शिकायत करें।
- पार्ट टाइम जॉब के नाम पर ओटीपी व बैंक खाता आदि किसी से सांझा न करें।