24 जनवरी की रात में एक पिकअप से 24 लोग प्रयागराज रवाना हुए थे। वहां संगम में स्नान कर बृहस्पतिवार देर रात दो बजे घर के लिए निकले। शुक्रवार शाम चार बजे गाजीपुर के नंदगंज में उनकी पिकअप में पीछे से एक तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी, जिसमें आठ लोग मारे गए, जबकि अन्य घायल हो गए।
प्रयागराज से महाकुंभ में संगम स्नान कर लौट रहे बांसगांव के हरदीचक गांव के आठ श्रद्धालुओं की शुक्रवार को गाजीपुर में सड़क हादसे में मौत हो गई। देर शाम जैसे ही यह सूचना पहुंची, गांव में चीख पुकार मच गई। इस गांव के आठ घरों से बच्चे-बुजुर्ग और महिला समेत 24 श्रद्धालु कुंभ स्नान करने पिकअप से गए थे।
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गांव के प्रिंस ने बताया कि मौत की सूचना मिलते ही प्रधान के साथ ही हादसे के शिकार श्रद्धालुओं के परिवार के लोग गाजीपुर निकल गए। गांव में अभी किसी को नहीं पता है कि किसकी मौत हुई है और कौन घायल हुआ है। सभी भगवान से यही मना रहे है कि उनके परिवार के लोग जिंदा हों।
प्रिंस ने बताया कि 24 जनवरी की रात में एक पिकअप से 24 लोग प्रयागराज रवाना हुए थे। वहां संगम में स्नान कर बृहस्पतिवार देर रात दो बजे घर के लिए निकले। शुक्रवार शाम चार बजे गाजीपुर के नंदगंज में उनकी पिकअप में पीछे से एक तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी, जिसमें आठ लोग मारे गए, जबकि अन्य घायल हो गए।
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नाना और नातिन की हो गई मौत : प्रिंस ने बताया कि गांव से अमर सिंह के साथ उनकी बेटी वंदना और दो नातिन नित्या (5) और अंशिका (16) गई थी। हादसे में अमर सिंह और नित्या की मौत हो गई, जबकि वंदना और अंशिका घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराई गई हैं। घर पर किसी को इनकी मौत की जानकारी नहीं है।
गांव में पसरा सन्नाटा, नहीं बना खाना : महाकुंभ स्नान करने 8 घरों से 24 लोग गए थे। हादसे की सूचना के बाद उनके घरों के लोग उनके आने का इंतजार कर रहे हैं। गांव में आठ मौतों की खबर फैल गई है, पर कौन मरा है यह किसी को नहीं पता। इस वजह उन आठ परिवारों में दहशत हैं। उनके घरों में चूल्हा भी नहीं जला।