चलने में परेशानी की वजह से बीमार पिता के साथ नमाज पढ़ने के बाद रोजेदारों के जाने का इंतजार करते हुए
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इसके बाद छोटे से लेकर बड़ों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद देनी शुरु की। गले मिले, हाथ मिलाया और ईद की मुबारकबाद दी। इसी के साथ ईदी भी बंटनी शुरू हुई। किसी को ईदी में पैसे मिले तो किसी को तोहफे। लोग एक दूसरे के घर आते रहे जाते रहे, खुशियों का पैगाम बांटते रहे।
गरीबों का रखें ख्याल
मरकजी मदीना जामा मस्जिद रेती चौक में मुफ्ती मेराज अहमद कादरी ने कहा कि ईद भाईचारगी का त्योहार है। इसे सबके साथ मनाएं। गरीबों का भी ख्याल रखें, उन्हें अपनी खुशियों में शामिल करें। मुकीम शाह जामा मस्जिद बुलाकीपुर के इमाम मौलाना फिरोज अहमद निजामी ने नमाज, रोजा, हज, जकात सहित तमाम दीनी बातों पर रोशनी डाली।
इसके अलावा अन्य ईदगाहों व मस्जिदों में उलेमा ने तकरीर कर ईद की नमाज पढ़ाई और खुत्बा पढ़ा। भीड़ अधिक होने की वजह से ईदगाह सेहरा बाले का मैदान बहरामपुर में दो बार ईद की नमाज अदा की गई।
बच्चे और बुजूर्गों सभी ने मस्जिदों में जाकर नमाज अदा की
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मियां साहब को फूल का गुलदस्ता देकर ईद की बधाई देते लोग
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