इसी जिम्मेदारी के तहत शिक्षा विभाग की 18 शिक्षिकाएं और दो शिक्षामित्र की ड्यूटी इसलिए लगाई गई थी कि वह दुल्हनों को तैयार करें। बकायदा इसके नौगढ़ बीईओ ध्रुव जायसवाल ने लिखा-पढ़ी भी की है। इस निर्णय की कॉपी सोशल मीडिया पर बड़़ी तेजी से वायरल भी हुआ।
फेसुबक पर यूजरों ने कटाक्ष के तौर पर कमेंट भी शुरू कर दिए है। एक यूजर ने लिखा है कि अच्छा है बेसिक शिक्षा विभाग की शिक्षिकाएं वैसे भी पढ़ाई नहीं करा पा रही है, कम से कम वह दुल्हनों को ठीक ढंग से तैयार कर लेंगी। इसके बदले उन्हें कुछ दिया भी न जाए। एक यूजर ने कटाक्ष करते हुए लिखा है शिक्षा मंत्री के जिले में प्रयोग अच्छे हो रहे हैं। ऐसे प्रयोगों से सीखने की जरूरत है।
आदेश में दुल्हन सजाने के लिए शिक्षिकाओं व महिला शिक्षामित्रों को लगाया गया था। इनमें प्रावि. नौगढ़ की शिक्षा मित्र साधना श्रीवास्तव, प्रावि मुड़िला की शिक्षा मित्र शांती यादव, प्रावि गोवर्धनपुर की अध्यापिका साक्षी श्रीवास्तव, बेलौहा की संध्या कबीर, जवाहरनगर की नीलम वर्मा, मुड़िला की वंदना यादव, साड़ी की नीलम, गोसाईपुर की आरती चौधरी, नौगढ़ की जूही मिश्रा व संगीता, जगदीशपुर राजा की प्रतिमा श्रीवास्तव, बचड़ा-बचड़ी की पल्लवी सिंह, अहिरौली की ऊषा उपाध्याय, बलुरी की अनुराधा, सेखुइया की सुषमा जायसवाल, रोवापार की नाजमीन, रेहरा की अनुराधा शुक्ला, रामपुर की संदीपा राजा, पलियाटेकधर की कालिंदी शर्मा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरगदवा की प्रियदर्शिका पांडेय के शामिल थे।