राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कार्यकर्ताओं को अहंकार मुक्त रहकर कार्य करने की नसीहत दी और कहा कि शांत मन से काम करने वाला कार्यकर्ता ही संगठन के विस्तार में सफल होता है। शाखा से संघ है। शाखा से संस्कार मिलता है। संस्कार हासिल करने वाले कार्यकर्ता ही संगठन का विस्तार करते हैं। आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों की हर न्याय पंचायत और नगरीय क्षेत्र की हर बस्ती में शाखा कार्य व उसके विस्तार की योजना है।
आरएसएस के पांच दिवसीय (23-27 जनवरी) प्रांतीय सम्मेलन का समापन सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुभाष चंद्र बोस नगर में हुआ। गोरक्ष, कानपुर, अवध और काशी प्रांत के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में संघ प्रमुख ने कहा कि पिछले 95 वर्षों से संघ काम कर रहा है। इसका एकमात्र उद्देश्य देश को परम वैभव पर ले जाना है। दुनिया में भारत माता की जय-जयकार हो, इस सपने को साकार करने के लिए संघ लगातार काम रहा है। व्यक्ति निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण होगा।
कार्यकर्ता किसी भी संगठन के विस्तार में मुख्य भूमिका निभाते हैं। वह त्याग और समर्पण के साथ प्रेरक बनकर कार्य करता है। वैचारिक अधिष्ठान की दृढ़ता के कारण किसी भी कार्य के विस्तार के लिए चिंतन, चर्चा, निर्णय, योजना और परिश्रमपूर्वक कार्य को पूर्ण करना ही हमारी सफलता का मूलमंत्र है। सामूहिक शक्ति से संगठन को बल मिलता है।
व्यक्ति निर्माण की दिशा में संघ छोटे-छोटे कार्यक्रम करता है
आरएसएस प्रमुख ने कहा कि व्यक्ति निर्माण की दिशा में संघ छोटे-छोटे कार्यक्रम करता है। इसके जरिए संस्कार दिया जाता है। जो नि:स्वार्थ बुद्धि, धैर्य, परिश्रम, साहस, त्याग, तपस्या, ध्येय निष्ठा से निर्माण की दिशा में बढ़ता है, वही श्रेष्ठ कार्यकर्ता बनता है।
इस मौके पर क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रो. संजीत कुमार गुप्त, प्रांत प्रचारक सुभाष, पृथ्वीराज सिंह, अरुण मल्ल, डॉ. महेंद्र अग्रवाल, प्रांत प्रचार प्रमुख उपेंद्र प्रसाद द्विवेदी, सुरेंद्र नाथ तिवारी, पुनीत पांडेय, आत्मा सिंह और बैरिस्टर आदि मौजूद रहे।
संघ प्रमुख का अगला पड़ाव वाराणसी
पांच दिन के प्रवास के बाद सरसंघचालक मोहन भागवत सोमवार को वाराणसी के लिए रवाना हो गए। वह वाराणसी में प्रवास करेंगे, फिर मिर्जापुर जाएंगे। सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, अनिलोक सहित अन्य पदाधिकारी भी रवाना हो गए। प्रांतीय सम्मेलन के सफल संचालन में क्षेत्र प्रचारक अनिल और प्रांत प्रचारक सुभाष की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।