महानगर में ई-रिक्शा चालक अपनी मर्जी से कहीं भी, किसी भी मार्ग पर नहीं जा सकेंगे। इसके लिए चार जोन बनेंगे। ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए मंडलायुक्त रवि कुमार एनजी ने अपर जिलाधिकारी, पुलिस, परिवहन और नगर निगम के अधिकारियों की समिति बनाकर मार्गों को चिह्नित करते हुए ई-रिक्शा का संचालन कराने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त सभागार में संभागीय प्राधिकरण की बैठक में मंडलायुक्त ने बृहस्पतिवार को निर्देश देते हुए कहा कि सिविल एयरपोर्ट से यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से प्रीपेड टैक्सी का संचालन कराया जाए। इसके लिए जल्द से जल्द टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाए। मंडल के हर जिले में वाहनों के स्टैंड व विराम स्थलों को चिह्नित करने के साथ ही हाईवे के किनारे पर खड़े होने वाले वाहनों पर कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदारों को मंडलायुक्त ने निर्देश दिए।
उन्होंने टॉरेंट गैस के अधिकारी को निर्देश दिया कि जिले में सीएनजी गैस फिलिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाएं, ताकि आमजन को कई दिक्कत न हो। उन्होंने एआरएम रोडवेज को निर्देश दिया कि फरेंदा से महराजगंज तक रोडवेज बसों का संचालन सही से हो और उनकी सूची एआरटीओ महराजगंज को उपलब्ध कराएं।
कहा कि शीत ऋतु में डंपर, ट्रैक्टर आदि वाहनों द्वारा मिट्टी लादकर अधिक गति से संचालित करने और अन्य सभी वाहनों की ओवरस्पीडिंग पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाए। स्कूल वाहनों के मानकों को लेकर भी मंडलायुक्त ने जिम्मेदारों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनएचएआई सड़कों पर अवैध कटो को बंद करे और हाईवे पर एंबुलेंस की भी व्यवस्था करे। बैठक का संचालन आरटीओ प्रशासन अनीता सिंह ने किया।
बैठक में डीआईजी जे रविंद्र गौड़, जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश, उप परिवहन आयुक्त वाराणसी अशोक कुमार सिंह, एसपी यातायात डॉ. एमपी सिंह, ब्रजेश उपाध्याय, डॉ. बीएम राव, रेखा दिवाकर, उप श्रमायुक्त अमित कुमार मिश्र, पीआर पांडेय, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) वीके सिंह आदि मौजूद रहे।