गोरखपुर। नगर निगम ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रह व्यवस्था में लापरवाही पर शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। नगर आयुक्त अजय जैन के निर्देश पर जोनल सेनेटरी अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव ने 38 वाहन चालकों का एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की है। निरीक्षण के दौरान 78 वाहनों के सापेक्ष केवल 34 वाहन ही समय पर फील्ड में मिले। वहीं, एक वार्ड में 20 सफाई कर्मचारी भी अनुपस्थित पाए गए।
शनिवार सुबह दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर स्थित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण स्टोर का निरीक्षण किया। सुबह 7:04 बजे तक 78 वाहनों में से केवल 34 वाहन ही कचरा संग्रहण के लिए रवाना हुए थे। शेष वाहनों के समय पर संचालन न होने को गंभीर लापरवाही मानते हुए 38 वाहन चालकों के एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की गई। कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दी गई है। निरीक्षण से पहले कृष्णामोहन पांडेय नगर वार्ड में सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति भी जांची गई। सुबह 6:58 बजे तक वहां 20 सफाई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। नगर निगम ने इस मामले को भी गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर आयुक्त अजय जैन के हालिया निरीक्षण में भी यह सामने आया था कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहन निर्धारित 500 घरों तक समय से नहीं पहुंच रहे हैं। साथ ही, कई वाहन चालक यूजर चार्ज का सही रिकॉर्ड भी नहीं रख रहे हैं, जिससे व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जोनल सेनेटरी अधिकारी अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि सभी सफाई निरीक्षकों को प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 6:30 बजे के बीच अपने-अपने जोन में उपस्थित रहकर जियो-टैग फोटो टीम-16 पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।