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IMA के विरोध पर हो रहा बदलाव: लिपिक की चूक से 70 पंजीकृत अस्पताल भी हो गए अवैध, अब नए सिरे से बनेगी सूची

Sat, 22 Jul 2023 04:09 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा है कि एक-एक अस्पताल गैर पंजीकृत की सूची में पांच-पांच बार पंजीकृत हैं। इसी तरह एक अस्पताल का चार बार, एक अस्पताल का तीन बार और पांच अस्पताल का दो-दो बार पंजीकरण किया गया।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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स्वास्थ्य विभाग ने 187 गैर पंजीकृत अस्पतालों की जो सूची जारी की थी, उसमें गड़बड़ी सामने आई है। सूची में 70 से ज्यादा ऐसे अस्पतालों के नाम भी शामिल कर दिए गए, जिनका पंजीकरण हो चुका है। आईएमए के विरोध के बाद अब स्वास्थ्य महकमा इसे दुरुस्त करने में जुट गया है। स्वास्थ्य विभाग नए सिरे से तैयार सूची को प्रशासन को सौंपेगा, ताकि प्रशासन को सटीक जानकारी हो सके। नई सूची के आधार पर ही प्रशासन जांच कराकर कार्रवाई करेगा।

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जानकारी के मुताबिक, सूची में गलती एक लिपिक की वजह से हुई है। दरअसल, जब अस्पतालों के संचालक विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर रहे थे, उस दौरान कुछ गलती होने पर लिपिक ने दोबारा रजिस्ट्रेशन के लिए कह दिया। ऐसे में जितनी बार अस्पताल संचालकों ने रजिस्ट्रेशन किया, उसके अलग-अलग एप्लीकेशन नंबर जारी हो गए।

इन सबके बीच जब अंतिम बार जिन अस्पतालों के संचालकों ने रजिस्ट्रेशन के लिए सभी दस्तावेज जमा किए, उसे फाइनल करते हुए अस्पताल संचालकों को रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र दे दिया गया। इस बीच पहले से पोर्टल पर आवेदन किए गए सभी रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए गए, जिसकी वजह से 187 अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की सूची में गैर पंजीकृत हो गए हैं।
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किसी का तीन तो किसी का पांच-पांच बार नाम है सूची में

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा है कि एक-एक अस्पताल गैर पंजीकृत की सूची में पांच-पांच बार पंजीकृत हैं। इसी तरह एक अस्पताल का चार बार, एक अस्पताल का तीन बार और पांच अस्पताल का दो-दो बार पंजीकरण किया गया। इसका अलग-अलग एप्लीकेशन नंबर भी जारी किया गया है। ऐसे में अब इस गलती को सुधारने के लिए इन एप्लीकेशन नंबरों को निरस्त करने की तैयारी में विभाग जुट गया है।

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आईएमए सचिव डॉ. अमित मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से यह गलती हुई है। इसे सही कराने की जरूरत है। विभाग संशोधित सूची जारी करे, ताकि प्रशासन को सही जानकारी मिल सके।

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दूबे ने कहा कि रजिस्ट्रेशन करने के दौरान कई बार आवेदन के कारण यह गलती हुई है। इसे सही कराया जाएगा, ताकि सही सूची जारी हो सके। इसे लेकर कर्मियों को निर्देश दिया गया है। जल्द ही सूची को दुरुस्त कराते हुए प्रशासन को सौंपा जाएगा। एक भी अवैध अस्पताल संचालित नहीं करने दिए जाएंगे।

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