-सहारा एस्टेट की पेयजल आपूर्ति बृहस्पतिवार पूरे दिन रही ठप, दिनभर अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे
-एडीएम सिटी, नगर आयुक्त और जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार, देर शाम निकला समाधान
-70 लाख बकाया में बिजली निगम ने शुक्रवार को 50 हजार जमा करने व किस्त में बिल भरने के आश्वासन पर जोड़ी बिजली
गोरखपुर। सहारा एस्टेट सोसाइटी में 70 लाख बिजली बिल बकाया में पंप की बिजली कटने से पेयजल संकट दूसरे दिन भी बरकरार रहा। बृहस्पतिवार को सोसाइटी के निवासी दिनभर बिजली निगम के अधिकारियों, एडीएम सिटी, नगर आयुक्त और जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे। ज्ञापन दिया लेकिन राहत नहीं मिली। देर शाम तक 50 हजार जमा करने व किस्त में बिल भरने के आश्वासन पर बिजली जोड़ दी गई। इससे लोगों को राहत मिली।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से सोसाइटी में बृहस्पतिवार दिन भर पेयजल संकट गहराया रहा। लोग हैंडपंप व आसपास के क्षेत्रों से दूसरे दिन भी पानी लाकर दैनिक जरूरतें पूरी करते रहे। बिजली निगम के अधिकारियों ने सोसाइटी प्रबंधन और निवासियों को स्पष्ट किया कि करीब 70 लाख रुपये का बकाया होने के कारण कनेक्शन काटा गया है। कहा गया कि यदि तत्काल दो लाख रुपये जमा करा दिए जाएं तो पंप की बिजली जोड़कर जलापूर्ति शुरू करा दी जाएगी। इसके बाद शेष बकाया राशि किस्तों में जमा कराने पर विचार किया जाएगा।
वहीं, सोसाइटी के निवासी व जनकल्याणकारी आवासीय समिति के अध्यक्ष एपी त्रिपाठी का कहना था कि तत्काल दो लाख रुपये की व्यवस्था करना उनके लिए संभव नहीं है। उन्हाेंने बताया कि दिन भर तो हम आश्वासन के भरोसे रहे लेकिन देर शाम को एडीएम सिटी की पहल के बाद 50 हजार जमा करने व किस्त में बिल भरने के आश्वासन पर बिजली कनेक्शन को जोड़ दिया गया। शुक्रवार को 50 हजार जमा किया जाएगा, बाकी किस्त में दिया जाएगा।
जनकल्याणकारी आवासीय समिति के अध्यक्ष एपी त्रिपाठी ने बताया कि नगर आयुक्त अजय जैन ने हमारे मामले में एस्टीमेट बनाकर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। वहीं जलकल के महाप्रबंधक रघुवेंद्र कुमार ने कहा कि पहले काॅलोनी का हैंडओवर मिले, तभी इसमें सुविधाओं पर विचार किया जा सकता है। उपर से जो निर्देश होगा उसका पालन किया जाएगा। जल कर जो लिया जा रहा है उसे वापस करेंगे।
70 लाख के बकाए में बिजली काटी गई थी। एडीएम सिटी के आदेश पर बिजली जोड़ने पर सहमति बनी है लेकिन इसके लिए शुक्रवार को 50 हजार रुपये जमा करना होगा। इसके बाद किस्तों में बिल जमा करना होगा।
-सतीश जायसवाल, अधिशासी अभियंता, मोहद्दीपुर
बोले लोग
जब तक पंप की व्यवस्था नगर निगम की ओर से नहीं होती, तब तक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। हमारी समस्याओं पर विचार करना चाहिए। हम पानी की व्यवस्था कैसे करें, कितना बिल भरें।
-राम गुलाब प्रजापति
सीएम के सिटी में हमें पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। ऐसा हमने कभी सोचा नहीं था। दिन भर अधिकारियों के चक्कर काटे गए हैं। आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है, देर शाम बिजली कटी है।
-नजर मोहम्मद