गोरखपुर और लखनऊ की टीम की दिनभर की कार्रवाई में करीब पांच किलोग्राम तस्करी का सोना बरामद हुआ है। इसके दस्तावेज शरद के पास नहीं मिले हैं। डीआरआई के मुताबिक शरद चंद्र अग्रहरी व उनके बेटे से पूछताछ की जा रही है। अगर सोने से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले तो गिरफ्तारी की जा सकती है। गोरखपुर और लखनऊ की टीमों की कार्रवाई जारी है।
पूछताछ में तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। सोना तस्करी में लिप्त कुछ और लोगों के नाम, मोबाइल नंबर मिल चुके हैं। जल्द ही इन सबकों गिरफ्त में लिया जाएगा। इस सिलसिले में शरद का पक्ष नहीं मिल सका है। जब भी उनका पक्ष आएगा उसे प्रकाशित किया जाएगा।
गड़बड़ी की आशंका में ही डीआरआई एक बार पहले भी बजरंग बुलियन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर के घर और प्रतिष्ठानों पर छापा मारा था। डीआरआई के मुताबिक सोना व चांदी की तस्करी का खेल पुराना है। इसके मास्टर माइंड गोरखपुर में बैठे हैं। नेपाल के रास्ते सोना तस्करी करके लाया जाता है फिर भारत के अलग-अलग शहरों में बेचा जाता है।
डीआरआई लखनऊ व गोरखपुर जोन की टीम ने 6 मार्च 2020 को बाराबंकी और नेपाल बॉर्डर से पांच युवकों को नेपाल से तस्करी कर लाए गए सात किलोग्राम सोने के साथ गिरफ्तार किया था। सोना गोरखपुर से कानपुर भेजा जा रहा था। गिरफ्तार युवकों ने ही सराफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष व बजरंग बुलियन ट्रेडर्स के प्रोपराइटर शरद चंद अग्रहरी का नाम लिया था। कहा था कि यह सोना शरद का ही है।
तब बरामद हुई थी 200 किलोग्राम चांदी
सराफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष के घर व प्रतिष्ठानों पर जब पहली बार डीआरआई का छापा पड़ा था तब करीब 200 किलोग्राम चांदी बरामद हुई थी। इससे संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। पहले शरद चंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। बाद में जेल भेज दिया गया था। स्टाक रजिस्ट्रर में भी गड़बड़ी मिली थी।
पीएम को दी थी चुनौती
सराफा मंडल के पूर्व अध्यक्ष शरद चंद्र अग्रहरी ने नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि कालाधन लगातार खपाएंगे, जिसकी हैसियत हो, वह कार्रवाई करे।