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बजट 2020: गोरखपुर-बस्ती मंडल की दो बड़ी परियोजनाओं को दी जा सकती है तवज्जो

Sat, 18 Jan 2020 06:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : shutterstock
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इस बार बजट में गोरखपुर-बस्ती मंडल की दो बड़ी परियोजनाओं को तवज्जो दी जा सकती है। सहजनवां-दोहरीघाट और खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन बिछाने के लिए बड़ी रकम मिलने की उम्मीद है। दोनों परियोजनाओं का सर्वे कर डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है।
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अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जानी है। रेलवे प्रशासन की ओर से रेल लाइन बिछाने के लिए जमीन का क्षेत्रफल और मुआवजा की संभावित राशि का प्रस्ताव भी बोर्ड को भेजा जा चुका है।
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खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन में 93 गांवों की जमीनें आएंगी
बहराइच से खलीलाबाद के बीच 240 किमी लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने को मंजूरी पिछले वित्तीय वर्ष में मिल चुकी है। ब्रॉड गेज की इस नई लाइन बिछने से बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जिले के लोगों को खासी सुविधा मिलेगी। इस परियोजना की लागत 4940 करोड़ है और वर्ष 2024-25 तक इसे पूरा कर ट्रेन दौड़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
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रेल प्रशासन के सर्वे के मुताबिक 93 गांवों की जमीनें अधिगृहीत करनी पड़ेंगी। जमीन का ब्यौरा जिला प्रशासन से लेकर रेलवे अब मुआवजा की राशि तय कराएगा। पूर्वोत्तर रेलवे में नेपाल की सरहद के पास वाले इस इलाके में रेल सेवा न होने से यहां के लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। नई रेल लाइन बिछने से यात्री बहराइच से सीधे खलीलाबाद आ जाएंगे। यहां से लखनऊ और बिहार जाने का रास्ता आसान हो जाएगा।

नई रेल लाइन निर्माण के दौरान इस परियोजना से भारी संख्या में रोजगार मिलेगा। यह नई रेल लाइन पांच जिलों से होकर गुजरेगी। इसके दायरे में पड़ने वाली जमीनों के मालिकों को मुआवजा देकर जमीन कब्जे लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
 
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यहां बनेंगे स्टेशन

खलीलाबाद, मेंहदावल, बांसी, डुमरियागंज, उतरौला, बलरामपुर, श्रावस्ती, भिनगा, बहराइच।

इस नई लाइन का धार्मिक महत्व भी
नई रेल लाइन पर्यटकों के लिए काफी अनुकूल होगा। यह ट्रेन श्रावस्ती होकर गुजरेगी। श्रावस्ती जैन धर्म के अनुयायियों का एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र हैं। वहीं गौतम बुद्ध ने सबसे ज्यादा उपदेश यहीं रहकर दिया। इसके अलावा भगवान श्रीराम के पुत्र लव ने इसे अपनी राजधानी बनाई थी। मां दुर्गा के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक देवीपाटन मंदिर जाने के लिए भी यह रेल सेवा बेहतर संपर्क माध्यम होगा।
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81 किमी लंबी सहजनवां-दोहरीघाट रेल लाइन पर बनेंगे छह स्टेशन
सहजनवां-दोहरीघाट के बीच नई 81 किमी लंबी नई रेल लाइन बिछाई जानी है। इसकी अनुमानित लागत 1319.75 करोड़ रुपये है। वर्ष 2023-24 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। पर बजट के अभाव में यह अब बढ़कर 2025 हो गई है। इस नई रेल लाइन के बिछने से दक्षिणांचल में करीब 10 लाख से ज्यादा लोग सीधे रेल सेवा का फायदा उठा पाएंगे।

साथ ही धर्मनगरी वाराणसी से गोरक्षनगरी तक आने की दूरी भी कम हो जाएगी। इसके अलावा छपरा से लखनऊ तक आने के लिए एक विकल्प मार्ग भी मिल जाएगी। इस नई रेल लाइन को बिछाने के लिए पूर्व में सर्वे हो चुका है। मार्च 2019 में इस परियोजना के शिलान्यास का कार्यक्रम भी तय हो गया था, लेकिन ऐन वक्त पर उसे स्थगित कर दिया गया। प्रस्ताव के मुताबिक छह स्टेशन बनाए जाएंगे।

प्रस्तावित स्टेशन
सहजनवां, खजनी, बांसगांव, गोला, बड़हलगंज, दोहरीघाट।
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