फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: बीएलओ घर नहीं पहुंचें तो न घबराएं..नोटिस डाउनलोड कर ऑनलाइन दें जवाब

विज्ञापन
विज्ञापन
बीएलओ घर नहीं पहुंचें तो न घबराएं..नोटिस डाउनलोड कर ऑनलाइन दें जवाब
विज्ञापन

- नोटिस की सुनवाई में परिवार के सदस्य भी हो सकते हैं उपस्थित
- निवास प्रमाणपत्र दस्तावेज में नहीं ले रहे, परिवार रजिस्टर की नकल मान्य
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत अगर बिना मैपिंग वाले मतदाताओंं की सूची में नाम है और बीएलओ ने नोटिस नहीं दिया तो घबराने की जरूरत नहीं है। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन करके भी नोटिस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और ऑनलाइन ही नोटिस का जवाब भी दे सकते हैं।
वहीं, सुनवाई के दौरान निवास प्रमाणपत्र मान्य नहीं है लेकिन परिवार रजिस्टर की नकल को दस्तावेज के रूप में लगाया जा सकता है। चुनाव आयोग ने नोटिस को लेकर परेशान मतदाताओं की सुविधाएं बढ़ाई हैं। इसके तहत मतदाता किसी कारणवश बाहर है तो नोटिस की सुनवाई के दौरान किसी व्यक्ति को सुनवाई के लिए अधिकृत करना होगा। इसके लिए उसे लिखित रूप में हस्ताक्षर कर या अंगूठे का निशान लगाकर प्रतिनिधित्व के लिए अधिकृत करना होगा।
विज्ञापन

डीएम दीपक मीणा ने बताया कि जिन मतदाताओं का जन्म 01 जुलाई, 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करना होगा। जिन मतदाताओं का जन्म 01 जुलाई, 1987 के बाद और 02 दिसंबर, 2004 के मध्य हुआ है, उन्हें स्वयं का व अपने पिता या माता में से किसी एक के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। यदि मतदाता का जन्म 02 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है तो उसे स्वयं के साथ-साथ अपने माता और पिता दोनों के ही अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
विज्ञापन


सदर तहसील में कम आए मतदाता
तहसील सदर सभागार में एईआरओ/ नायब तहसीलदार ने सुनवाई में 143 लोगों को नोटिस भेजा था, उनमें 47 मतदाता उपस्थित हुए। सुनवाई में कई ऐसे मतदाता थे, जो दूसरे के दस्तावेज लेकर आए थे, उन्हें सुझाव दिया गया कि वे अगली तिथि में सुनवाई के दिन मतदाता को ही उपस्थित होने का सुझाव दें। बेलीपार क्षेत्र के ककराखोर की आशा गुप्ता सुनवाई के समय दस्तावेज के लिए राशन कार्ड की फोटो कॉपी लेकर आई थीं। उन्हें अधिकारियों ने 12 विकल्प बताते हुए दस्तावेज मांगा। बाद में उन्होंने परिवार रजिस्टर की फोटो कॉपी दी। पप्पू अपने पिता बसंत को मिले नोटिस की सुनवाई में आए थे। उन्होंने 2003 की मतदाता सूची की फोटो कॉपी दे दी तो उसे मान्य कर लिया गया। उधर, शुक्रवार को भी बेतियाहाता, दिग्विजयनगर, महुईसुघरपुर, अलीनगर, गोलघर, हुमायूंपुर, गोरखनाथ, नंदानगर आदि इलाकाें में बीएलओ ने घर-घर जाकर नोटिस रिसीव कराया।


ये दस्तावेज उपलब्ध कराने हैं
1- किसी भी केंद्र/राज्य सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/ पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र पेंशन भुगतान आदेश

2- 01.07.1987 से पहले बैंकों, डाकघर, एलआईसी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र अभिलेख
3- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
4- भारतीय पासपोर्ट
5- मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाण पत्र

6- सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र
7- वन अधिकार प्रमाण पत्र
8- सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण
9- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी हो)
10- राज्य स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर
11- सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि मकान आवंटन प्रमाण पत्र
12- बिहार एसआईआर की मतदाता सूची का अंश, 01.07.2025 की संदर्भ तिथि के अनुसार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें