होली में डिमांड कई गुना बढ़ जाने का फायदा उठा रहे धंधेबाज
होली के दौरान सीजन में 40 से 50 हजार पेटी तक की होती है खपत
गोरखपुर। रंगपर्व होली पर शहर में कोल्ड ड्रिंक की मांग कई गुना बढ़ गई है। मोहल्लों की होली मिलन, डीजे पार्टियां और सार्वजनिक आयोजन, हर जगह ठंडे पेय की खपत चरम पर है। इसी बढ़ी हुई मांग का फायदा उठाकर कुछ धंधेबाज एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक को बाजार में खपाने का खेल खेल रहे हैं। ऑफर, स्कीम और एक्सपायरी डेट बदलने जैसे हथकंडों के जरिये यह माल दुकानों और आयोजनों तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में खरीदारी करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।
थोक कारोबारियों के मुताबिक, होली से करीब 15 दिन पहले से शहर में सॉफ्ट ड्रिंक की सप्लाई सामान्य दिनों की तुलना में दोगुनी से तिगुनी हो जाती है। शहर और आसपास के इलाकों में होली के दौरान करीब 40 से 50 हजार पेटी तक कोल्ड ड्रिंक की खपत हो जाती है। बड़े ब्रांड के साथ-साथ लोकल ब्रांड की भी भारी मांग रहती है। यही वह समय होता है जब एक्सपायर्ड या रिटर्न हुआ माल भी खपाने की कोशिशें तेज हो जाती हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग की पिछली कार्रवाई में यह मामला सामने आया था कि एक्सपायर्ड माल को प्लांट या डिस्ट्रीब्यूटर स्तर से कबाड़ दर पर खरीदा जाता है। इसके बाद गोदामों में ले जाकर बोतलों और कैन पर छपी एक्सपायरी डेट को केमिकल या लेजर मशीन से मिटाया जाता है और नई तारीख अंकित कर दी जाती है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ धंधेबाजों ने करीब डेढ़ लाख रुपये तक की लेजर मशीनें खरीदी थीं, जिनसे तारीख इस तरह बदली जाती है कि आम ग्राहक पहचान ही नहीं पाता।
ऑफर में खपा देते हैं स्टॉक
सूत्रों ने बताया कि होली में ''''एक के साथ एक फ्री'''', ''''स्पेशल होली ऑफर'''' या थोक खरीद पर भारी छूट जैसे लालच देकर भी दुकानदारों को माल थमा दिया जाता है। कई बार असली और एक्सपायर्ड स्टॉक को मिलाकर रखा जाता है, जिससे जांच में पकड़ पाना मुश्किल हो जाए। पिछले साल होली से ठीक पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के बाहरी इलाकों में छापा मारकर हजारों पेटी एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक बरामद की थीं। कुछ मामलों में एक्सपायरी डेट खुरचकर आगे बढ़ाई गई थी, तो कहीं बोतलों पर नई स्टिकर चिपकाई गई थी। एक गोदाम से 3000 से ज्यादा बॉक्स जब्त किए गए थे।
प्रति पेटी पर मुनाफा
कोल्ड ड्रिंक के व्यापारी सूरज गुप्ता बताते हैं कि एक्सपायर्ड या रिटर्न माल कंपनियां अक्सर 40 से 50 प्रतिशत कीमत पर निपटा देती हैं। यदि एक पेटी की थोक कीमत 600 रुपये है, तो एक्सपायर्ड स्टॉक 250-300 रुपये में मिल जाता है। धंधेबाज इसे 550-600 रुपये में दुकानदार को बेच देते हैं। यानी प्रति पेटी 250 से 300 रुपये तक का सीधा मुनाफा। अगर होली सीजन में पांच से 10 हजार पेटी भी इस तरह खपा दी जाएं तो लाखों रुपये का खेल हो जाता है।