लॉकडाउन में कुत्तों के व्यवहार में बदलाव आ गया है। भूख और प्यास से बेहाल कुत्ते चिड़चिड़े और खतरनाक हो गए हैं, जो लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, लॉकडाउन में रोजाना 150 से ज्यादा लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं।
सोमवार को यह संख्या 200 के आसपास पहुंच जा रही है। पशु डॉक्टरों का कहना है कि कुत्तों को खाना नहीं मिल रहा, इसी वजह से वे आक्रामक हो रहे हैं। रेस्टोरेंट, होटल और स्ट्रीट फूड की दुकानों का बचा-खुचा भोजन ही गली-मोहल्लों के आवारा पशुओं के काम आता है। लॉकडाउन में ये दुकानें बंद हैं।
ऐसे में कुत्तों को भोजन नहीं मिल पा रहा है और वे चिड़चिड़े होकर लोगों पर हमला कर दे रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि नगर निगम और पशुपालन विभाग की ओर से कुत्तों, बिल्ली, गाय, बंदरों को खाना खिलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने घर के आसपास के कुत्तों को खाना-पानी जरूर दें।