लॉक डाउन के दौरान सरकारी कर्मचारियों की आड़ में सड़कों पर निकल चुनौती बन रहे लोगों के खिलाफ बुधवार को सख्ती तेज हो गई। सुबह दफ्तर खुलने के पहले जगह-जगह पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया और हर आने-जाने वाले कि जांच शुरू की।
सभी की आईडी और पास चेक किए गए। इस दौरान कई लोग बिना वजह घूमते मिले जिनपर सख्ती हुई। देवरिया बायपास, रुस्तमपुर, पादरी बाजार, गोलघर कई जगहों पर ऐसे लोगों को सड़क पर बैठाकर उन्हें उनकी गलती का एहसास कराया गया। कई अन्य जगहों पर भी पुलिस ने चेतावनी देकर बेवजह घूम रहे लोगों को घर वापस किया।
दो दिनों से सड़क पर भीड़ बढ़ती देख डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने सरकारी कर्मचारियों के घर से दफ्तर और दफ्तर से घर पहुंचने का समय नियत कर दिया। राज्य कर्मियों को सुबह 8.30 से 9.30 तो केंद्रीय कर्मियों को सुबह 9 से 10 बजे घर से दफ्तर पहुँच जाने की हिदायत दी गई है।
इसी तरह शाम को 5.30 से 6.30 के बीच उन्हें घर पहुँच जाने को कहा गया है। कर्मचारियों को भी चेताया गया है कि इसके बाद अगर कोई सड़क पर मिला तो उसपर भी कार्रवाई होगी। इसका असर भी दिखाई पड़ा। वहीं जिन सड़कों पर पिछले दो दिन दोपहर में तमाम गाड़ियां दौड़ रहीं थी वहां भी सन्नाटा था।