मासूम गुड़िया और उसके एक्सरे में दिख रहा लॉकेट।
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कुशीनगर जिले की तीन साल की गुड़िया को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने नई जिंदगी दी है। डॉक्टरों ने क्रिटिकल ऑपरेशन कर गुड़िया के आहार नाल में फंसे लॉकेट को निकाल दिया है। मासूम को नई जिंदगी मिलने पर परिजनों ने खुशी जताते हुए डॉक्टरों के प्रति आभार जताया है।
जानकारी के अनुसार, कुशीनगर के रामकोला की रहने वाली तीन साल की गुड़िया अपने घर पर करीब एक सप्ताह पूर्व खेल रही थी। खेलते-खेलते ही उसने एक लॉकेट को निगल लिया। बच्ची जब चिल्लाने लगी तब परिजन पहले कुशीनगर के निजी चिकित्सकों के पास गए।
वहां डॉक्टरों ने एक्स-रे करवाया तो पता चला कि आहार नाल में कुछ फंसा हुआ है, जिसके लिए ऑपरेशन करना होगा। इस पर परिजन कुशीनगर जिला अस्पताल लेकर गए, जहां से डॉक्टरों ने मंगलवार को गुड़िया को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को जांच हुई तो तय हुआ कि बुधवार की सुबह नाक, कान व गला रोग विभाग के विशेषज्ञ असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आदित्य पाठक, डॉ. विनती, एनेस्थेसिया विभाग के डॉ. आशीष अग्रवाल की देखरेख में ऑपरेशन होगा।
डॉ. आदित्य पाठक ने बताया कि ऑपरेशन बेहद जटिल था। इसकी वजह से समय लगा। बताया कि ईसोफैगो स्कोपी एंड फोरेनबाडी रिमूवल ऑपरेशन कर लॉकेट को निकाल दिया गया है। अब मासूम खतरे से बाहर है। बताया कि अगर एक दिन और देरी होती तो बच्ची की जान भी जा सकती थी।