दूसरे प्रांतों से आ रहे मजदूरों के लिए जिला प्रशासन ने तहसीलवार 153 नए क्वारंटीन सेंटर बनाए हैं। ज्यादातर सेंटर, इंटर कॉलेजों में बनाए गए हैं ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनाते हुए ज्यादा से ज्यादा लोग रखे जा सकें। ज्यादा जगह सेंटर होने से वहां राहत सामग्री आदि पहुंचाने और वहां से कोई भाग न सके इसके लिए मानीटरिंग में दिक्कत हो रही थी।
यही वजह है प्रशासन ने दूसरे प्रांतों से आने वाले मजदूरों के लिए अलग सेंटर बनाने का फैसला किया। हाल ही में हरियाणा से लाए गए 182 मजदूरों को इन्हीं सेंटरों में रखा गया है। मध्य प्रदेश से मजदूरों के आने का सिलसिला जारी है। एक से दो सप्ताह में कई अन्य प्रांतों से भी बड़ी संख्या में मजूदर लाए जाने हैं।
इन सभी को तहसीलवार वहीं रखा जाएगा। इसके पहले जिले की सभी पंचायतों के प्राथमिक विद्यालयों, पंचायत व सामूहिक भवनों को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया था। जिले में कुल 1395 क्वारंटीन सेंटर बनाए गए थे जिनकी क्षमता 27024 लोगों की थी।
निर्णय किया गया है अब इन क्वारंटीन सेंटरों में प्रदेश के भीतर के जिलों से आने वाले लोगों का क्वारंटीन किया जाएगा। बॉक्स हर सेंटर के लिए तैनात किए गए प्रभारी गोराखपर। जिले में तहसीलवार बनाये गए सभी 153 क्वारन्टीन सेंटर के लिए अलग-अलग प्रभारी बनाए गए हैं ताकि वह क्वारन्टीन किये जाने वालों को कोई दिक्कत न हो।
डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने सभी केंद्रों पर सीसी टीवी कैमरे लगाने के साथ सभी जरूरी सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। समय-समय पर डॉक्टरों की टीम क़वारन्टीन किये गए लोगों का परीक्षण करेगी। रोजाना ये सेंटर सैनिटाइज किये जाएंगे।