डॉ. कफील की पत्नी डॉ शबिस्ता खान। (फाइल फोटो)
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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में रासुका कानून के तहत गिरफ्तार किए गए डॉक्टर कफील खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। बता दें कि डॉ. कफील को जेल से बाहर निकालने के लिए उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि डॉक्टर को रिहा किया जाए।
डॉ. कफील की पत्नी डॉ शबिस्ता खान ने बताया था कि कोरोना अलर्ट को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश दिया था कि सात साल से कम सजा वाले बंदियों को जेल से पैरोल पर रिहा किया जाए। ऐसे में डॉक्टर कफील को भी मथुरा जेल से रिहा किया जाना था। उनका नाम भी जेल की लिस्ट में शासन को भेजा गया था।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि जैसे ही उन्हें रिहा करने की बारी आई, उससे पहले ही लखनऊ से किसी अधिकारी का फोन आने पर उनकी रिहाई रोक दी गई।
गौरतलब है कि कफील पर आरोप है कि सीएए, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिया था। यूपी पुलिस का दावा है कि उनके भाषण से ही प्रेरित होकर एएमयू के छात्रों ने 15 दिसंबर को उग्र प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया था।
इससे पहले अलीगढ़ की अदालत ने डॉ. कफील को जमानत दे दी थी। लेकिन रिहा होने से पहले जिला मजिस्ट्रेट ने एनएसए के तहत उनकी हिरासत के लिए एक निर्देश पारित किया था।