गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में भर्ती चिकित्सक की रिपोर्ट आरटीपीसीआर से पॉजिटिव, जबकि एंटीजन से जांच कराने पर निगेटिव आई। इससे उन्हें मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें एसजीपीजीआई ले गए। वहां आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। फेफड़ा प्रभावित होने की वजह से उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
बशारतपुर के श्रीराम नगर कॉलोनी की रहने वाली विभा शुक्ला के अनुसार उनके पिता डॉ. वीपी शुक्ला को बुखार होने पर 25 नवंबर को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। एंटीजन किट से जांच में वह कोरोना पॉजिटिव मिले। इसके बाद होम आइसोलेशन की सलाह दी गई। एक दिसंबर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मधुमेह से भी पीड़ित होने की वजह से उन्हें मेडिकल कॉलेज के कोराना वार्ड में रेफर कर दिया गया।
कॉलेज में कोरोना वार्ड में भर्ती होने के बाद एंटीजन से जांच की गई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद बीआरडी के डॉक्टरों ने उन्हें मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट कर दिया। लेकिन मेडिसिन वार्ड में उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें एसजीपीजीआई लेकर चले गए। आरटीपीसीआर जांच में उनकी रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आ गई। डॉक्टरों ने बताया कि उनका फेफड़ा काफी हद तक प्रभावित हो गया है। 24 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।