नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, दुकानदारों को गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग डस्टबिन में डालने के लिए प्रेरित किया गया है। लेकिन, मंगलवार को इस व्यवस्था का पालन नहीं हुआ। ठेले पर मोमो, टिकिया-चाट और फुल्की बेचने वाले हों या फिर रेस्टोरेंट संचालक, किसी दुकान के सामने अलग-अलग कूड़ेदान नहीं थे। सभी दुकानदार एक ही डिब्बे में हर तरह का कूड़ा डालते नजर आए। जबकि इसके लिए दुकानदारों को पहले नोटिस दिया गया है।
समय बदलें तो व्यवस्था ज्यादा कारगर होगी
शाम सात बजे की जगह कूड़ा गाड़ी रात में दुकान बंद होने के समय आए तो व्यवस्था ज्यादा कारगर होगी। डस्टबिन में पड़ा कचरा रात में पशु नहीं बिखरेंगे। इससे दुकानों के बंद होने के बाद सड़काें पर गंदगी नहीं फैलेगी
-अभिषेक शाही, अध्यक्ष, गोलघर व्यापार मंडल।
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सुविधा शुरू हुई तो आगे भी चले
यह नगर निगम की अच्छी पहले है लेकिन मानिटरिंग होती रहनी चाहिए। जिससे यह नियमित चलती रहे। होटल और रेस्टोरेंट से ज्यादा कचरा निकलता है। सूखा और गीला कूड़ा के लिए लोग अलग-अलग डस्टबिन रखें
-गौरीशंकर सरावगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, गोलघर व्यापार मंडल।
सभी व्यवस्था में सहयोग करें
हॉस्पिटल और होटल संचालकों को विशेष ध्यान देना होगा। सभी लोग नगर निगम की इस व्यवस्था में सहयोग करें। गाड़ी के आने पर तत्काल कूड़ा उसमें डाल दें। इससे नगर की सफाई में सहयोग मिलेगा। साथ ही गोलघर को साफ-सुथरा रखा जा सकेगा।
-समीर कुमार राय, कारोबारी।
नगर निगम की व्यवस्था सारहनीय है। लेकिन सुबह दुकानें खुलने के बाद ही कूड़ा एकत्र किया जाना चाहिए। जिससे साफ-सफाई के बाद वह इधर उधर न बिखरे। सभी लोगाें को चाहिए कि अपनी-अपनी दुकान के सामने अलग-अलग डस्टबिन रखें।
-किशन चौबे, रेस्टोरेंट संचालक
गोलघर के दुकानदार रात में नौ बजे तक कूड़ा गाड़ी भेजने की बात कह रहे हैं। पहले दिन रेलवे स्टेशन रोड से कूड़ा उठाने के बाद गाड़ी गोलघर पहुंची। सभी दुकानदारों को पहले ही हिदायत दी गई है। अभी किसी का चालान नहीं काटा गया है। किसी तरह की लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
-डॉ. मणिभूषण तिवारी, सहायक नगर आयुक्त।
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रात में पशु तितर-बितर कर देंगे कूड़ा, समय में हो बदलाव
व्यापारी नितिन जायसवाल और विनय सिंह का सुझाव है कि शाम सात बजे कूड़ा उठाए जाने का फायदा नहीं मिल पाएगा। वजह यह है कि दुकानें रात दस बजे तक बंद होती हैं। नगर निगम की गाड़ी के जाने के बाद कूड़ा कचरा पड़ा रह जाएगा, जिसे रात में पशु तितर-बितर कर देंगे। वहीं, व्यापारी शिबू, रामकुमार और दिनेश का कहना है कि नगर निगम की टीम सुबह सात बजे आएगी तो कोई फायदा नहीं है। गोलघर की दुकानें तो 10 बजे के बाद खुलती हैं। जो भी कूड़ा कचरा होगा इसके बाद ही निकलेगा। इसी तरह शाम सात बजे का समय भी ठीक नहीं है।