डेंगू, इंसेफेलाइटिस, चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू और कोविड जैसी संक्रामक बीमारियों के सामान्य लक्षणों में बुखार शामिल है। इसलिए, हल्के बुखार को भी नजरअंदाज न करें। आशा कार्यकर्ता को बताएं और तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें। यहां निशुल्क इलाज होगा।
आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यह संदेश 21 अक्तूबर तक चलने वाले दस्तक पखवाड़े के तहत घर-घर पहुंचा रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचने के लिए 108 नंबर की निशुल्क एंबुलेंस सेवा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बताया कि अभियान का मुख्य मकसद इंसेफेलाइटिस और मच्छरजनित रोगों पर नियंत्रण करना है।
यह जानकारियां दे रहीं आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
- वातावरणीय व व्यक्तिगत स्वच्छता।
- खुले में शौच न करना।
- हाथ धोने का महत्व और सही तरीका।
- असुरक्षित जल स्रोत का उपयोग न करना।
- स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल।
- कुपोषण के कारण और बचाव के उपाय।
- मच्छरों से बचा।
- निकटवर्ती सरकारी अस्पताल की जानकारी और अप्रशिक्षित चिकित्सक से इलाज न कराने की सलाह।
- चूहा और छछूंदर पर नियंत्रण के उपाय।
- क्षय रोग के लक्षण और बचाव।
- बुखार होने पर अस्पताल जाने का संदेश।