गोरखपुर शहर के घरेलू बिजली बिल बकाएदारों को चेयरमैन की वीडियो कांफ्रेंसिंग ने राहत दी है। अब त्योहारों तक इनकी बिजली नहीं कटेगी। हालांकि व्यवसायिक बकाएदारों को राहत नहीं मिलेगी। इधर, ऐसे उपभोक्ताओं की बिना बिजली काटे उनसे बकाया वसूली अभियंताओं के लिए चुनौती बन गई है। उनका कहना है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग की समीक्षा में वसूली के लिए लगातार दबाव बनाया जाता है। लेकिन, ऐसे बकाएदारों से बिल कैसे जमा करवाया जाए?
रविवार को भी बिजली निगम के सभी खंड और उपखंड कार्यालय खुले हुए थे। एमडी कार्यालय की तरफ से इस महीने कम राजस्व जमा होने पर इन कार्यालयों के साथ कैश काउंटर खोले जाने का निर्देश आया था। जिले के शहरी मंडल में पिछले महीने के आंकड़ों के मुताबिक, कुल उपभोक्ताओं की संख्या 2,28 लाख है।
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इनमें से 1.20 लाख उपभोक्ताओं का नियमित बिल बन जाता है। जबकि, करीब 40 हजार उपभोक्ता दो से तीन महीने में अपने बिल का भुगतान करते हैं। वहीं, 20 हजार उपभोक्ताओं का रिकार्ड तो है, लेकिन इनके पास बिजली बिल नहीं पहुंच पाता। इनका पता ही नहीं मिलता। वहीं, करीब 40 हजार वे उपभोक्ता हैं, जो बकाएदार की श्रेणी में ही बने रहते। ऐसे में इन बकाएदारों को त्योहार तक बिजली कटने से राहत मिल सकती है।