सरकारी व सीलिंग की जमीन कब्जा करने वालों पर डीएम विजय किरन आनंद ने गुंडा एक्ट एवं गैंगस्टर के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सीलिंग की जमीन की निगरानी की जाए और इसकी खरीद-फरोख्त करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में जितनी भी सीलिंग की जमीन पर कब्जा किया गया है, उसकी जांच कर कार्रवाई की जाए।
गुरुवार की देर शाम पुलिस एवं प्रशासन की बैठक में डीएम ने ये निर्देश दिए। कहा कि जमीन कब्जा करने के मामलों में जिन लोगों पर मुकदमा दर्ज है, उनकी गिरफ्तारी की जाए। सदर तहसील क्षेत्र में महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर तीन एवं चौरीचौरा तहसील के तहत खोराबार के रुद्रापुर में करीब 400 एकड़ सीलिंग की जमीन है।
कैंट थाना क्षेत्र के महादेव झारखंडी में सीलिंग की जमीन बेचने के आरोप में रामलाल पासवान, रमाशंकर पासवान, जगदीश यादव सहित छह लोगों पर कैंट थाना में एफआईआर दर्ज किया गया था। उन पर 33 करोड़ रुपये की संपत्ति बेचने का आरोप है। बैठक में यह मामला भी उठा।
डीएम ने कैंट इंस्पेक्टर से सवाल किया कि आरोपियों की अभी तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने सात दिन के भीतर गिरफ्तार न होने पर कार्रवाई की बात कही। बैठक में एसएसपी विपिन ताडा, एसपी सिटी सोनम कुमार, एडीएम सिटी विनीत कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम गुप्ता, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर कुलदीप मीणा, नायब तहसीलदार, खोराबार, कैंट एवं शाहपुर के थानाध्यक्ष, कानूनगो एवं लेखपाल आदि मौजूद रहे।
रासुका लगाने में गोरखपुर यूपी में अव्वल, तीन साल में 15 पर कार्रवाई
पिछले तीन साल में 15 अभियुक्तों पर रासुका लगाया गया। इनमें पंचायत चुनाव में हिंसा फैलाने वालों के साथ ही हत्या व दुष्कर्म जैसे अपराध करने वाले शामिल हैं।
गोरखपुर में रासुका के तहत प्रदेश में सर्वाधिक कार्रवाई हुई है। पिछले तीन साल के दौरान प्रदेश में करीब 123 मामलों में रासुका के तहत कार्रवाई की गई, लेकिन 102 मामले राज्य परामर्शदात्री समिति ने खारिज कर दिए। जिन 21 मामलों को अनुमोदन मिला उनमें से 15 गोरखपुर के हैं। डीएम का कहना है कि किसी भी दशा में अराजकता फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी। जघन्य घटनाओं को अंजाम देने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी।