- अस्पताल की सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्था की हकीकत परखी, एक माह में सुधार के दिए निर्देश
- डायलिसिस यूनिट में चार बेड बढ़ाने के आदेश, दवा, सफाई और ऑनलाइन व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा
- मरीजों से लिया फीडबैक, निर्माणाधीन ओपीडी, लॉन्ड्री और सीएमओ कार्यालय का भी किया निरीक्षण
गोरखपुर। पिछले दिनों एक बच्ची के अपहरण और हत्या की घटना के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को परखने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। डीएम ने इस दौरान आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सीएमओ कार्यालय के पास बेकार सामान पड़े मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई और उसके तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। दवा भंडारण व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सभी अलमारियों पर दवाओं का स्पष्ट विवरण अंकित करने, स्टॉक और वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था सुनिश्चित करने और मरीजों को बिना भटके दवा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बायोमीट्रिक उपस्थिति की भी जांच की गई।
डीएम ने डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण कर वहां चार अतिरिक्त बेड बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने यूनिट में उपलब्ध संसाधनों की कमियों को शीघ्र दूर कर मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। निर्माणाधीन ओपीडी भवन और लॉन्ड्री हॉल का निरीक्षण कर मशीनों के रखरखाव और निर्माण कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने मरीजों और तीमारदारों से बातचीत कर उपचार, दवा और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, सुरक्षा, ऑनलाइन व्यवस्था और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि एक माह बाद दोबारा निरीक्षण होगा और कमी मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सीएमओ डॉ. राजेश झा, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह, डॉ. बीके सुमन, डॉ. मुकुल दूबे आदि मौजूद रहे।