गोरखपुर। खाद्य पदार्थों को छपे कागज में लपेटने और परोसने पर रोक सुनिश्चित करने के लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही शराब की दुकानों, मेडिकल स्टोरों, डेयरियों, कोल्ड स्टोरेज और स्कूलों में परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की भी सघन जांच होगी।
यह निर्णय बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी नगर की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने विभाग की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिले की सभी शराब की दुकानों और मेडिकल स्टोरों का खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराया जाएगा, ताकि बिना अनुमति खाद्य कारोबार पर रोक लगाई जा सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नगर निगम के सहयोग से स्वच्छ खानपान क्षेत्र विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। लोगों को घर पर ही खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान करने के सरल तरीके पंपलेट के माध्यम से बताए जाएंगे। बैठक में जिला कारागार गोरखपुर और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य व्यवस्था के लिए ईट राइट कैंपस प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।