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जिला अस्पताल : दवाओं की कमी, मरीज हो रहे परेशान

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- एक साल से सीमित दवाओं में चल रहा काम, विभाग में नही है खांसी का सिरप
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- आयुर्वेद विभाग की ओपीडी में आते हैं प्रतिदिन 50 से 60 मरीज

संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। जिला अस्पताल के आयुर्वेदिक विभाग की ओपीडी में सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ घुटने के दर्द के मरीज आ रहे हैं। आयुर्वेद के प्रति अभी बहुत से लोगों का भरोसा बना हुआ है लेकिन दवाओं की कमी से परेशानियां बढ़ गई हैं। विभाग में डॉक्टर तो मौजूद हैं लेकिन जरूरी दवाएं पूरी नहीं मिल पा रही हैं। इसके चलते मरीजों को बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं।

ठंड के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार, जोड़ों के दर्द, गठिया और कोल्ड डायरिया जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। इन रोगों से निजात पाने के लिए बड़ी संख्या में मरीज आयुर्वेदिक इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। सोमवार को आयुर्वेदिक विभाग की ओपीडी में अधिकतर मरीज सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित पाए गए।
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आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. संजय त्रिपाठी ने बताया कि प्रतिदिन 25 से 30 मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें इन समस्याओं से ज्यादा दिक्कत होती है। पिछले एक साल से सीमित दवाओं के सहारे ओपीडी संचालित की जा रही है। ठंड के इस मौसम में खांसी का सिरप भी खत्म हो चुका है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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अजवाइन और सोंठ का करें प्रयोग, वादी भोजन से करें परहेज
डॉ. संजय त्रिपाठी ने बताया कि ठंड में वादी भोजन पाचन क्रिया को खराब कर देता है। बैंगन, कद्दू, कटहल, अरबी, मटर और उड़द की दाल से परहेज करना चाहिए। अजवाइन और सोंठ का प्रयोग लाभकारी है। बुजुर्गों को जोड़ों को गर्म कपड़ों से ढककर रखना चाहिए और दही, छाछ व खट्टे पदार्थों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
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