सात दिसंबर 2015 को हिसार से गोरखपुर आ रही गोरखधाम एक्सप्रेस में टीटीई के बर्थ पर रखे तकिए से विजिलेंस टीम को 6600 रुपये मिले थे। यात्रियों द्वारा अवैध तरीके से बर्थ आवंटित करने की शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने बस्ती स्टेशन पर जांच की थी। विजिलेंस को देखकर टीटीई कोच से उतरकर बाहर जाने लगा। इस कार्रवाई में रेल प्रशासन ने टीटीई को सस्पेंड कर दिया था।
टीटीई पर लगा था रेप की कोशिश का आरोप
26 दिसंबर 2012 को दिल्ली से गोरखपुर जा रही पुरबिया एक्सप्रेस में टीटीई पर एक महिला यात्री के साथ कथित तौर पर बलात्कार की कोशिश करने का आरोप लगा था। लड़की के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ट्रेन के एक एसी डिब्बे में उनकी लड़की और उसकी दो सहपाठी सफर रहे थे।
टीटीई ने लड़की के साथ दुर्व्यवहार किया और बलात्कार की कोशिश की। लड़की जब मदद के लिए चीखी तो लखनऊ डिवीजन का यह टीटीई वहां से भाग निकला। बाद में मुरादाबाद जीआरपी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की गई थी।