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गोरखपुर: निशुल्क होता रहेगा कोरोना संक्रमित शवों का दाह संस्कार, नहीं होगी परेशानी

Tue, 18 May 2021 02:49 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

नदियों में शवों को प्रवाहित होने से रोकने के मसले पर मेयर ने की चर्चा, ग्रामीण इलाकों की निगरानी समितियों से संपर्क कर उन्हें किया जाएगा प्रेरित
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर मेयर सीताराम जायसवाल की अध्यक्षता में नदियों में शवों को प्रवाहित होने से रोकने के लिए बनी निगरानी समिति की नगर निगम में बैठक हुई। जिसमें बताया गया कि कोरेना संक्रमित शवों का दाह संस्कार निशुल्क जारी रहेगा।  मेयर ने कहा कि शहर के लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो ये हमारी जिम्मेदारी है। निगरानी कमेटी कोरोना के खात्मे तक सक्रिय रहेगी। ग्रामीण इलाकों की निगरानी कमेटियों से संपर्क कर नदियों में शवों को प्रवाहित न होने देने के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए अनुरोध किया जाएगा।

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मेयर ने कहा कि नगर निगम के अंत्येष्टि स्थल पर समुचित व्यवस्था कराते हुए दाह संस्कार कराया जा रहा है। शासन के निर्देश क्रम में जो कमेटी का गठन किया गया है हम सब मिलकर और बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे। नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमित शवों का नि:शुल्क दाह संस्कार होने से शहरी क्षेत्र में नागरिकों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई है। इस दौरान अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा, मुख्य अभियंता सुरेश चंद, संजय शुक्ला, अजय श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

पार्षद की बीमारी में नगर निगम करेगा सहयोग
बैठक में पार्षदों की तरफ से मांग उठी कि बीमारी में उनका भी सहयोग होना चाहिए। जिसपर नगर आयुक्त ने कहा कि कोई पार्षद बीमार होता है तो प्रशासन को पत्र लिखकर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जाएगा। यदि किसी प्रकार की आर्थिक मदद की आवश्यकता होगी तो नगर निगम बोर्ड से संस्तुति कराकर शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि कोरोना संक्रमण से पार्षद आकाश चौहान का निधन हुआ है। आर्थिक मदद को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है।    
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निगरानी कमेटी के अध्यक्ष को दिया गया कोरोना किट

महापौर सीताराम जायसवाल और नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने निगरानी कमेटी के अध्यक्ष को कोराना किट दी गई। जिसमें स्प्रे मशीन, थर्मल स्कैनर, ऑक्सीमीटर, मास्क, सैनिटाइजर, ग्लब्स तथा फेस शील्ड दिया गया। निगरानी समिति के अध्यक्ष के रूप में उपसभापति ऋषिमोहन वर्मा, संजय श्रीवास्तव, अजय राय, मदन लाल अग्रहरि, जितेंद्र सैनी, संजय यादव, बब्लू प्रसाद गुप्ता, आलोक सिंह ‘विशेन’, जितेंद्र चौधरी ‘जीतू’, राधेश्याम रावत, अभिमंयू मौर्य, मनु जायसवाल, अशोक यादव, अजय ओझा (प्रतिनिधि), शहाब अंसारी, अमर नाथ यादव को कोरोना किट मिला है।

दाह संस्कार के लिए लकड़ियां हुईं महंगी
गोरखपुर में कोरोना संकट में शवों का दाह संस्कार करना महंगा होता जा रहा है। दाह संस्कार की लकड़ियों की कीमतों में तकरीबन प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। इस पर कोई नियंत्रण भी नहीं है। मार्च महीने में 600 से 650 रुपये क्विंटल बिकने वाली लकड़ी अब 850 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही हैं। ये स्थिति तब है जब 20 दिन पहले की तुलना में कीमतों में 50 से 100 रुपये क्विंटल तक की कमी आई है।

अप्रैल महीने में प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों को मिलाकर राजघाट के अंत्येष्टि स्थल पर 60 से 80 अधिक शवों का दाह संस्कार हो रहा था। एक शव के दाह संस्कार में तीन से चार क्विंटल लकड़ी खर्च होती है। ऐसे में लकड़ी की कीमतों में बढ़ोतरी से काफी दिक्कत हो रही है।

राप्ती तट पर लकड़ी के विक्रेता राजेश बताते हैं कि गांव में लकड़ियां मिल नहीं रही हैं। ऐसे में काफी दिक्कत हो रही है। महंगी लकड़ी मिल रही है। ऐसे में कीमतें बढ़ी हैं। गोला के मुक्ति धाम और बड़हलगंज के सरयू तट पर बने मुक्ति पथ पर भी 800 से 850 रुपये प्रति क्विंटल में लकड़ियां मिल रही हैं। यहां के लोगों का कहना है कि पिछले 45 दिन में कीमतों में 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। वहीं दाह संस्कार में लगने वाले करायल की कीमतें दो गुनी हो गई हैं। जो करायल मार्च में 100 रुपये किलो बिक रहा था, वह 200 रुपये तक पहुंच गया है।

 
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