गोरखपुर शहर में चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों में डिस्प्ले बोर्ड के साथ गंदगी रोकने के लिहाज से डस्टबिन भी रखी जाएगी। बुधवार को गोरखपुर में इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन सफल रहा। नगर निगम परिसर से गोरखनाथ मंदिर तक पहली बार इलेक्ट्रिक बसें चलाई गईं।
इसमें मेयर सीताराम जायसवाल, नगर आयुक्त अविनाश सिंह, नगर निगम के पार्षद, कर्मचारी, अधिकारियों के अलावा रोडवेज और बसों को संचालित करने वाली कंपनी पीएमआई के अधिकारियों ने भी सफर किया।
जाम की वजह से बसों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी ज्यादा समय भी लगा। सफर के दौरान बसों में कुछ कमियों को भी महसूस किया गया। इसमें मुख्य रूप से गाड़ियों के स्टॉपेज तक पहुंचने के बारे में जानकारी का न मिलना और यात्रियों के द्वारा खाने-पीने समेत अन्य चीजों को फेंकने के लिए कोई डस्टबिन आदि नहीं होने जैसे बिंदु प्रमुख रहे। इसके मद्देनजर नगर आयुक्त ने इसमें कुछ बदलाव करने का निर्णय लिया है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि ट्रायल रन के दौरान कुछ कमियां भी महसूस की गईं हैं। अगर कोई बाहर से आता है तो उसे यात्रा के दौरान स्टॉपेज की जानकारी नहीं मिल पाएगी। वहीं बसों में गंदगी को फैलने से रोकने का भी कोई इंतजाम नहीं है। इसको देखते हुए बसों में मेट्रो की तर्ज पर डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा बसों में छोटे डस्टबिन भी रखे जाएंगे।