मंगलवार को राप्ती नदी में तीन किशोरों के डूबने के बाद हरकत में आया प्रशासनिक अमला
एडीएम एफआर ने सुबह बुलाकर दी ट्रेनिंग, दोपहर में जिले के नौ घाटों पर पहुंचे आपदा मित्र
गोरखपुर। राप्ती नदी के राजघाट पर नदी में डूबकर तीन किशोर की जान जाने के बाद प्रशासनिक अब अमला चेता है। बृहस्पतिवार को नदी के डूब क्षेत्रों वाली जगहाें पर आपदा मित्र पहुंंचे और लाउडस्पीकर के जरिये नदी में नहा रहे लोगों को खतरों से आगाह किया। साथ ही घाटों पर मौजूद बड़े-बुजुर्गों से अपील की कि वे भी बच्चों को नदी में नहाने से मना करें।
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को आपदा मित्रों की आठ टीमें गठित की गईं। प्रत्येक टीम में तीन-तीन आपदा मित्रों को रखा गया है। प्रभारी अधिकारी, आपदा एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) जयप्रकाश और जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने आपदा मित्रों के साथ बैठक की। उन्हें डूब क्षेत्राें में जाकर खतरों के बारे में जानकारी देकर लोगों को जागरूक करने को कहा। आपदा मित्रों को एक-एक लाउडस्पीकर एवं लाइफबॉय रिंग उपलब्ध कराया गया। इसके बाद आपदा मित्रों ने जिले के नौ हॉटस्पॉट जगहों पर जाकर लोगों से नदी में न नहाने की अपील की।
इन घाटों पर किया जागरूक
रामघाट, राजघाट, झंगहा घाट, करही घाट, बरही घाट, सेमरौना घाट, संझाई केवटहिया घाट, करहिया पीपा पुल, कम्हरिया घाट।
नदियों के डूब वाले घाटों पर लगातार अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। आपदा मित्रों की आठ टीमें लगाई गई हैं। वे रोजाना जाकर बच्चों और अभिभावकों को खतरों के बारे में बताएंगे।
-जय प्रकाश, प्रभारी अधिकारी, आपदा
बच्चे पुल से नदी में लगा रहे थे छलांग, आपदा मित्रों ने रोका
नेतवरबाजार। कैंपियरगंज क्षेत्र स्थित नेतवर बाजार में बृहस्पतिवार दोपहर राप्ती नदी पर बने पीपा पुल से कुछ बच्चे नदी में छलांग लगा रहे थे। पुलिस और आपदा मित्रों ने बच्चों को छलांग लगाने से रोका और साथ ही बच्चों को रील बनाने से मना किया। उन्हें बताया कि नदी में नहाना और रील बनाना किस तरह से जानलेवा साबित हो सकता है।
थानाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह के नेतृत्व में नदी किनारे बसे गांवों में लोगों को जागरूक किया गया। पुलिस की ओर से अभिभावकों से बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की जा रही है। साथ ही युवाओं को सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट और रील वीडियो न बनाने की सलाह दी जा रही है। संवाद