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संशोधित: मेडिकल कॉलेज- मौत पर हंगामा

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देवरिया के भी ध्यानार्थ
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''''आशा'''' से मिली निराशा..नर्सिंग होम में हालत बिगड़ी, मेडिकल कॉलेज में मौत पर हंगामा

मरीज माफियाः गहने बेचकर चुकाया था देवरिया की गर्भवती महिला का बिल, नर्सिंग होम संचालक समेत तीन का शांतिभंग में चालान



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। देवरिया में मरीज माफिया का एक मामला रविवार को मेडिकल कॉलेज में उजागर हो गया। वहां की एक आशा कार्यकर्ता ने गर्भवती महिला को नर्सिंग होम को बेच दिया। मरीज की हालत बिगड़ने पर नर्सिंग होम संचालक उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा और भर्ती करा दिया। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने नर्सिंग होम संचालक समेत तीन को पकड़ लिया, लेकिन तहरीर नहीं मिलने की वजह से उनका शांतिभंग में चालान कर दिया। परिजन पोस्टमार्टम कराए बिना ही शव लेकर घर चले गए।



जानकारी के मुताबिक, बड़हलगंज कोतवाली थाना क्षेत्र के शनिचरा गांव निवासी महेश गौड़ की शादी देवरिया जिले के जद्दू परसिया निवासी रामप्रीत की बेटी जूही से 13 मई 2022 को हुई थी। जूही (25) आठ माह की गर्भवती थी और दो महीने पहले वह अपने मायके जद्दू परसिया गई थी।
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आरोप है कि 27 नवंबर को प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा कार्यकर्ता घर से गर्भवती को सरकारी अस्पताल के लिए लेकर निकली, लेकिन दलाल की मदद से देवरिया के राघवनगर स्थित जीवन आरोग्य हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। उसी शाम साढ़े पांच बजे ऑपरेशन से एक बच्ची पैदा हुई। आठ दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद महिला अपने मायके चली गई। दूसरे दिन फिर से तबीयत बिगड़ने पर उसी अस्पताल में महिला के पति ने भर्ती कर दिया।



यह भी आरोप है कि नर्सिंग होम में इलाज के नाम पर दो लाख रुपये वसूल लिए गए। पति गहने बेचकर पत्नी के इलाज के लिए रुपये देता रहा। गलत इलाज से महिला के पैरों में सूजन, पीलिया और पूरे शरीर में पानी भरने लगा। हालत बिगड़ने पर शनिवार की शाम अस्पताल संचालकों ने गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल काॅलेज में भर्ती करा दिया। रविवार की सुबह 11 बजे महिला की मौत हो गई तो पति वार्ड में हंगामा करने लगा।
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वार्ड बॉय और गार्ड ने मेडिकल चौकी पुलिस को सूचना दी। गुलरिहा पुलिस ने वार्ड में मौजूद निजी अस्पताल के संचालक और एक दलाल समेत तीन आरोपितों को हिरासत में ले लिया और शांतिभंग में चालान कर दिया।
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