गोरखपुर। पूर्वांचल के गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर जिलों में वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण ने आखिरी दिन रफ्तार पकड़ी, लेकिन इसकी सत्यापन की प्रक्रिया बेहद सुस्त रफ्तार में चल रही है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार हजारों वक्फ संपत्तियां आज भी जांच और स्वीकृति के स्तर पर अटकी हुई हैं। गोरखपुर में अब तक कुल 725 संपत्तियों को अपलोड करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। शुक्रवार को सिर्फ आखिर दिन शाम सात बजे तक 268 से ज्यादा संपत्तियां को ब्यौरा अपलोड किया गया है।
गोरखपुर की बात करें तो शुक्रवार दोपहर तक जिले में कुल 966 में से 725 वक्फ संपत्तियां अब तक अपलोडिंग की प्रक्रिया में आ चुकीं थीं या फिर अपलोड की जा चुकी हैं। वहीं 127 संपत्तियों की अपलोडिंग प्रक्रिया शुरू की गई। इनमें से 100 ही अप्रूवल की के लिए भेज दी गई है। बस्ती में कुल 743 संपत्तियां अपलोडिंग की प्रक्रिया में हैं, जिसमें 120 मामलों में प्रक्रिया शुरू हुई है। सिद्धार्थनगर में कुल 594 संपत्तियों में से 92 की प्रक्रिया अभी शुरू हुई है। संतकबीरनगर में प्रक्रियाधीन 776 संपत्तियों में से 140 पर प्रक्रिया शुक्रवार को आगे बढ़ी है। इसी तरह महराजगंज जिले में कुल 276 वक्फ संपत्तियां इनिशिएट की गईं हैं। यहां 21 मामलों में नई प्रक्रिया शुरू की गई है। देवरिया में 826 संपत्तियां प्रक्रिया में हैं, जहां 120 पर अपलोडिंग प्रक्रिया शुरू हुई। वहीं, कुशीनगर जिले में आखिरी दिन 454 वक्फ संपत्तियां प्रक्रिया में आ गईं हैं। इसमें से 123 मामलों में अभी प्रक्रिया शुरू हुई है। बड़ी संख्या में प्रकरण अभी भी जांच और अनुमोदन के स्तर पर अटके हुए हैं।
शिया वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण बेहद सुस्त
शिया वक्फ बोर्ड की की प्रगति रिपोर्ट भी अच्छी नहीं है। गोरखपुर-बस्ती मंडल में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की रफ्तार बेहद धीमी है। गोरखपुर में 10 अपलोडिंग प्रक्रिया में हैं, इसमें से किसी को स्वीकृति नहीं मिली है, जबकि एक को रिजेक्ट कर दिया गया है। इसी तरह बस्ती में 12 में से किसी को भी मंजूरी नहीं मिली है। देवरिया में 8 में से एक अस्वीकृत कर दी गई है। महाराजगंज में पांच, संतकबीरनगर में 11, सिद्धार्थनगर में 2 वक्फ संपत्तियां अपलोड की गई हैं, लेकिन इनमें से किसी को स्वीकृति नहीं मिली है। जबकि कुशीनगर में एक वक्फ संपत्ति दर्ज की गई है।
आखिर हफ्ते में बढ़ी रफ्तार
उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को अपलोड करने की रफ्तार शुरू में तो काफी सुस्त रही। लोगों तारीख बढ़ने की उम्मीद में रजिस्ट्रेशन कराने से कतराते हैं। मगर जब आखिरी तारीख नजदीक आई और समय-सीमा बढ़ने की उम्मीद टूट गई तो लोगों ने पोर्टल पर फॉर्म को अपडेट करने का सिलसिला तेज कर दिया। छह जून से शुरू हुई प्रक्रिया में 28 नवंबर तक महज 219 संपत्तियों का ब्यौरा ही अपलोड किया गया था। मगर 28 के बाद यह रफ्तार बढ़ी और आखिरी हफ्ते में 457 से ज्यादा संपत्तियों का ब्यौरा अपलोड किया गया। 28 नवंबर से चार दिसंबर तक 278 और आखिरी दिन दोपहर दो बजे तक 268 से ज्यादा संपत्तियों का ब्यौरा अपलाेड किया जा चुका था, जबकि अपलोड करने की प्रक्रिया अभी जारी थी।
उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों की फीडिंग और अपलोडिंग सिर्फ यहां से हो रही है। इसका अप्रूवल और सत्यापन नामित अधिकारी द्वारा शासन स्तर से किया जा रहा है। गोरखपुर में शुक्रवार दोपहर तक 725 संपत्तियों का ब्यौरा पोर्टल पर भरा गया है।
- कमलेश कुमार मौर्य, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी