भारत-नेपाल सीमा से मानव तस्करी रोकने के लिए सख्त हुए डीआईजी राजेश डी मोदक ने दो टूक कहा है कि इसके लिए पुलिस सतर्क रहे। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि तस्करी न होने पाए। इसके साथ ही ऐसे अपराध से पीड़ित के जीवन यापन के लिए एनजीओ की मदद से जो कुछ संभव हो सकता है, उसे कराया जाए। उन्होंने पुलिस को जाली नोट, मादक पदार्थों की तस्करी पर भी विशेष नजर रखने के लिए निर्देश दिया है।
महराजगंज दौरे पर गए डीआईजी राजेश डी मोदक ने वहां और नेपाल की पुलिस के साथ बैठक की। इस दौरान मानव तस्करी का मुद्दा उठने पर डीआईजी ने गंभीरता से लिया है। इस तरह के अपराध न होने पाए, उसके लिए पुलिस को पहल करने का आदेश दिया है। नेपाल पुलिस ने डीआईजी के सामने कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज न होने का मुद्दा उठाया। डीआईजी ने हर मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
डीआईजी ने बताया कि पुलिस अगर केस दर्ज नहीं करेगी तो आपराधिक मामले के आरोपितों का मनोबल बढ़ेगा। डीआईजी ने बताया कि जाली नोटों, मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल इसकी सूचना दें, ताकि हेड क्वाटर को भी जानकारी देकर आगे काम कराया जा सके। डीआईजी ने सीमा क्षेत्र के थाना सोनौली में खामियों को दूर करने का आदेश दिया। कहा कि महत्वपूर्ण थाना होने के बावजूद वहां पर सफाई व्यवस्था ठीक नहीं थी।
महराजगंज और नेपाल पुलिस के साथ बैठक कर बार्डर पर सतर्कता बरतने का आदेश दिया गया है। सीमा से मानव तस्करी न होने पाए, उसके लिए पुलिस को सतर्क रहने के लिए निर्देशित किया गया है। मादक पदार्थ, जाली नोटों की तस्करी रोकने और आरोपितों के पकड़े जाने पर तत्काल सूचित करने का भी आदेश दिया गया है।
- राजेश डी मोदक, डीआईजी