गोरखपुर। बढ़ती गर्मी के साथ डायरिया और पेट संबंधी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। लू व दूषित भोजन के कारण एम्स, मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। हालात यह हैं कि एक ही दिन में करीब 200 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की रही, जो उल्टी, दस्त, पेट दर्द व बुखार जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे।
डॉक्टरों के मुताबिक, तेज गर्मी और उमस के कारण खाद्य पदार्थ जल्दी खराब हो रहे हैं। दूषित भोजन और संक्रमित पानी के सेवन से डायरिया, फूड पॉइजनिंग और पेट संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग इसकी चपेट में जल्दी आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रेयंश का कहना है कि बाहर मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थ, कटे फल, बासी खाना और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन बच्चों में बीमारी की मुख्य वजह बन रहा है।
कई बच्चों में शरीर में पानी की कमी होने लगी है, जिसके चलते उन्हें भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है। मरीजों को ओआरएस, साफ पानी और हल्का भोजन लेने की सलाह दी जा रही है।
दूसरी ओर गर्मी के कारण लोगों की नींद भी प्रभावित हो रही है। रात में बिजली कटौती, उमस और गर्म हवाओं के कारण नींद पूरी नहीं हो पा रही। चिकित्सकों के अनुसार, पर्याप्त नींद न मिलने से ब्लड प्रेशर के मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। अस्पतालों में बीपी बढ़ने, चक्कर आने और घबराहट की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं।्