अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बिगड़ी जीवन शैली के चलते अपना इलाका अब मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों का केंद्र बनता जा रहा है। देश ही नहीं बाहरी देशों के चिकित्सक और शोधकर्ता यहां आकर इन बीमारियों के बारे में शोध कर रहे हैं। किशोर उम्र में भी इन बीमारियों के लक्षण दिख रहे हैं। इसे देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की गोरखपुर इकाई ने जागरूकता कैंप लगाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सीतापुर आई अस्पताल में आईएमए की ओर से सोमवार से शनिवार तक अलग से ओपीडी चलाई जा रही है।
मधुमेह और उच्च रक्तचाप की बीमारी अब आम बात हो चली है। हृदयरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश चंद्र शाही बताते हैं कि करीब 10 प्रतिशत किशोर जिनकी उम्र 14 वर्ष से अधिक है, उनमें इस तरह की दिक्कत आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण अनियमित दिनचर्या और खेलकूद गतिविधियों में कम हिस्सेदारी है। लोग बच्चों को बचपन से ही सुविधाभोगी तो बना ही रहे हैं, खानपान का भी ध्यान नहीं रखते।
अत्यधिक तला-भुना व वसायुक्त भोजन बीमार बना रहा है। शुरुआत में पहचान व इलाज हो जाए तो बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। लेकिन, लोग इस पर ध्यान नहीं देते और जब 40 साल की उम्र के बाद यह बीमारी अपना असर दिखाने लगती है, तब लोग इलाज के लिए भागते हैं। इसलिए जरूरी है कि स्कूल स्तर पर ही व्यापक तौर पर इसकी जांच कराई जाए और चिन्हित मरीजों को इलाज उपलब्ध हो सके।
आईएमए जगह-जगह लगाएगा फ्री मेडिकल कैंप
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अपने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी आगे है। संगठन की तरफ से मधुमेह, रक्तचाप, कैंसर आदि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कार्ययोजना भी बनाई जा रही है। जगह-जगह प्री मेडिकल कैंप लगाने की योजना है। इसके बाद एक मेगा कैंप भी लगाया जाएगा, जिसमें हर रोग के विशेषज्ञ रहेंगे। इन आयोजनों का मूल उद्देश्य यही है कि लोग बीमारियों से बचाव को लेकर सजग हो सकें। इसके अलावा स्कूली बच्चों को भी सेहत की देखभाल के लिए विशेष तौर पर जागरूक करने की योजना है।
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कोट-
आईएमए अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को भी समझता है। इसीलिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत करने के लिए जागरूकता शिविर लगाने की योजना बनाई जा रही है। एक डॉक्टर के तौर पर हम लोगों की इच्छा यही है कि सब लोग स्वस्थ रहें। लेकिन, यह भी सच है कि जब तक पहले से हर व्यक्ति अपनी जांच नहीं कराता, बीमारियों को रोका नहीं जा सकता। इसलिए हर लोग अपनी जांच कराएं, जिससे कि मधुमेह, रक्तचाप समेत अन्य बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके।
डॉ. स्मिता जायसवाल अध्यक्ष आईएमए गोरखपुर
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आईएमए की तरफ से सीतापुर आई अस्पताल स्थित अपने कार्यालय में सोमवार से शनिवार तक नियमित ओपीडी चलाई जाती है। सुबह 9 बजे से 12 बजे तक अलग-अलग विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देते हैं। इसके अलावा जन सहयोग से फिजियोथैरेपी मशीन भी लगाई गई है। यहां लोगों की जांच व इलाज की जानकारी के साथ-साथ रोगों से बचाव के बारे में भी बताया जाता है।
डॉ. इमरान अख्तर- एग्जीक्यूटिव मेंबर आईएमए- गोरखपुर
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बाल्य रोग अकादमी भी चलाएगी जागरूकता कार्यक्रम
भारतीय बाल्य रोग अकादमी अपने सामाजिक सरोकार के तहत हर वर्ष कुछ न कुछ करती रहती है। पिछले साल स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं देखभाल से संबंधित कार्यक्रम किया गया था। इस साल भारतीय बाल्य रोग अकादमी की बात कम्युनिटी के साथ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित तथ्यपरक जानकारियों को दृश्य-श्रव्य के माध्यमों से समाज को अवगत कराया जाएगा।
डॉ. डीके सिंह
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, भारतीय बाल्य रोग अकादमी