कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने बताया कि लॉकडाउन जब पूरी तरह खत्म हो जाएगा तो पहली प्राथमिकता गोरखपुर समेत मंडल के सभी जिलों में ठप पड़े विकास कार्यों को फिर से गति देने की होगी। सभी उद्योग शुरू होंगे। सतर्कता के साथ कुछ बड़े प्रोजेक्ट के काम अभी शुरू करा दिए गए हैं। लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए मजदूर आधे ही लगाए गए हैं। तब सभी काम शुरू कराए जाएंगे।
लोगों को रोजगार, विकास कार्यों को दी जाएगी गति
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी दफ्तरों, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर बेजा भीड़ नहीं जुटाने के लिए जागरूकता का काम जारी रहेगा। बाहर से आए लोगों को यहीं पर रोजगार मुहैया कराने के साथ ही शासन की परियोजनाओं को गति दी जाएगी। सभी पेंडिंग मामलों, वादों को निपटाया जाएगा। दफ्तरों में एक-एक कर ही फरियादियों को बुलाया जाएगा। कोर्ट में पूरी सर्तकता बरती जाएगी।
सीडीओ हर्षिता माथुर ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवास, एरुप से क्रियान्वयन करने पर जोर रहेगा। जो काम पीछे हुए हैं, गति बढ़ाकर उन्हें समय से पूरा किया जाएगा। सैनिटाइजेशन और मॉस्क के प्रयोग के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग की संस्कृति दफ्तर से लेकर पंचायतों तक बनाए रखी जाएगी।
तब दूसरी तरह की चुनौती होगी
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि लॉकडाउन के बाद प्राथमिकताएं बदल जाएंगी। तब दूसरी ही तरह की चुनौती रहेगी। ढेर सारे लंबित काम को प्रमुखता के आधार पर निपटाया जाएगा। शासन, मुख्यमंत्री, राजस्व, कमिश्नर, डीएम, संपूर्ण समाधान दिवस से जुड़े संदर्भों का निस्तारण किया जाएगा। राजस्व बढ़ाने की दिशा में भी काम होंगे। पूर्व की ही तरह सरकारी जमीन से कब्जा हटाने को लेकर अभियान चलेगा।