फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना संकट के बाद ऐसे मिलेगी विकास कार्यों को गति, दफ्तरों में लागू रहेगी सोशल डिस्टेंसिंग

Mon, 27 Apr 2020 01:24 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
विज्ञापन
कमिश्नर जयंत नार्लिकर, सीडीओ हर्षिता माथुर, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

कोरोना संकट के बाद जहां प्रशासनिक महकमे का पहला एजेंडा सभी विकास कार्यों को गति देना होगा वहीं लंबित वादों, पेंडिंग मामलों को भी निपटाया जाएगा। सोशल डिस्टेंसिंग का मंत्र कार्यालय की सभ्यता का हिस्सा बना रहेगा। दफ्तरों में फरियादियों तो प्रशासनिक अफसरों के कोर्ट में वादकारी एक-एक कर ही एंट्री पा सकेंगे।

विज्ञापन


वादों की सुनवाई के लिए संबंधित वादी, प्रतिवादी और उनके अधिवक्ता ही मौजूद रहेंगे। मॉस्क का उपयोग अगले कई महीने तक अनिवार्य रहेगा तो सैनिटाइजेशन का सिलसिला जारी रहेगा। शहर के सभी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सतर्कता बरती जाएगी।  लोगों को सफाई के प्रति जागरूक किया जाएगा।

सभी विकास कार्यों को पटरी पर लाया जाएगा

कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने बताया कि लॉकडाउन जब पूरी तरह खत्म हो जाएगा तो पहली प्राथमिकता गोरखपुर समेत मंडल के सभी जिलों में ठप पड़े विकास कार्यों को फिर से गति देने की होगी। सभी उद्योग शुरू होंगे। सतर्कता के साथ कुछ बड़े प्रोजेक्ट के काम अभी शुरू करा दिए गए हैं। लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए मजदूर आधे ही लगाए गए हैं। तब सभी काम शुरू कराए जाएंगे।

लोगों को रोजगार, विकास कार्यों को दी जाएगी गति
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी दफ्तरों, भीड़-भाड़ वाली जगहों पर बेजा भीड़ नहीं जुटाने के लिए जागरूकता का काम जारी रहेगा। बाहर से आए लोगों को यहीं पर रोजगार मुहैया कराने के साथ ही शासन की परियोजनाओं को गति दी जाएगी। सभी पेंडिंग मामलों, वादों को निपटाया जाएगा। दफ्तरों में एक-एक कर ही फरियादियों को बुलाया जाएगा। कोर्ट में पूरी सर्तकता बरती जाएगी।
विज्ञापन

योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन पर रहेगा जोर

सीडीओ हर्षिता माथुर ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवास, एरुप से क्रियान्वयन करने पर जोर रहेगा। जो काम पीछे हुए हैं, गति बढ़ाकर उन्हें समय से पूरा किया जाएगा। सैनिटाइजेशन और मॉस्क के प्रयोग के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग की संस्कृति दफ्तर से लेकर पंचायतों तक बनाए रखी जाएगी।

तब दूसरी तरह की चुनौती होगी
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि लॉकडाउन के बाद प्राथमिकताएं बदल जाएंगी। तब दूसरी ही तरह की चुनौती रहेगी। ढेर सारे लंबित काम को प्रमुखता के आधार पर निपटाया जाएगा। शासन, मुख्यमंत्री, राजस्व, कमिश्नर, डीएम, संपूर्ण समाधान दिवस से जुड़े संदर्भों का निस्तारण किया जाएगा। राजस्व बढ़ाने की दिशा में भी काम होंगे। पूर्व की ही तरह सरकारी जमीन से कब्जा हटाने को लेकर अभियान चलेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें