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अमर उजाला आभार समर्पण का: DCM ब्रजेश पाठक बोले- 'मरीजों का सम्मान करें, न जाने किस रूप में जनार्दन मिल जाएं'

Sun, 19 Jul 2026 11:34 AM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानव सेवा का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है। यहां पर ज्यादातर निजी चिकित्सालयों के डॉक्टर मौजूद हैं। मैं सभी डॉक्टरों से अपील करता हूं कि आपके पास कोई जरूरतमंद या असहाय व्यक्ति आ जाए और उसके पास उपचार के लिए पर्याप्त धन न हो तो केवल पैसे के अभाव में उसका इलाज न रुकने दें। मेरा अनुरोध है कि उनका निशुल्क इलाज कर दीजिएगा।
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'आभार समर्पण-डॉक्टर्स सम्मान 2026' - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लोग चिकित्सकों को धरा पर भगवान मानते हैं। जब हमारा कोई परिचित बीमार होता है तब हम एक तरफ ईश्वर की अराधना करते हैं, दूसरी तरफ चिकित्सक की तरफ हाथ जोड़ कर अपने परिजन के स्वस्थ होने की कामना करते हैं। डॉक्टरों पर भरोसा करते हैं। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि मरीज का सम्मान करें न जाने किस रूप में जनार्दन मिल जाएं।
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उपमुख्यमंत्री अमर उजाला एवं विकास केजरीवाल ग्रुप ऑफ कंपनीज की ओर से शनिवार को आयोजित 'आभार समर्पण का- डॉक्टर्स सम्मान 2026' कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय होटल में समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 52 चिकित्सकों को सम्मानित किया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानव सेवा का सबसे श्रेष्ठ माध्यम है। यहां पर ज्यादातर निजी चिकित्सालयों के डॉक्टर मौजूद हैं। मैं सभी डॉक्टरों से अपील करता हूं कि आपके पास कोई जरूरतमंद या असहाय व्यक्ति आ जाए और उसके पास उपचार के लिए पर्याप्त धन न हो तो केवल पैसे के अभाव में उसका इलाज न रुकने दें।

मेरा अनुरोध है कि उनका निशुल्क इलाज कर दीजिएगा। कौन जाने जनार्दन आपकी परीक्षा ले रहे हों। मान लीजिए आपके बहीखाता में सब दर्ज हो रहा है और इस पुण्य का लाभ आपको जरूर मिलेगा।

दीप प्रज्वलित करते डीसीएम ब्रजेश पाठक व विकास केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला
होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित सम्मान समारोह में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के कार्यकाल में गोरखपुर इंसेफेलाइटिस से ग्रसित था। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस समय संसद में यह मुद्दा उठाते थे तब स्थानीय लोग इसे देवी-देवता का प्रकोप बताते थे।

वर्ष 2017 के बाद इंसेफेलाइटिस पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। एक वक्त था जब प्रदेश में 40 मेडिकल कॉलेज थे, आज यह संख्या 83 पहुंच चुकी है। पूरे प्रदेश में 25 हजार सब-सेंटर हैं। 3,500 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं।

उन्होंने कहा कि 900 से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैं। ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। जिला अस्पतालों और महिला अस्पतालों में उन्नत सुविधाएं हैं। मेडिकल कॉलेजों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां एम्स संचालित हो रहा है। देश को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष दिया जा रहा है।
 
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'आभार समर्पण-डॉक्टर्स सम्मान 2026' - फोटो : अमर उजाला
चिकित्सकों से उपमुख्यमंत्री ने की पांच अपील
1- हर मरीज का सम्मान करें।
2- सेवा भाव से चिकित्सा करें।

3- गरीबों का इलाज पैसों के अभाव में न रोकें।

4- समाज का भरोसा बनाए रखें।
5- निस्वार्थ सेवा को अपना धर्म बनाएं।
 
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