फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: दो और फर्जी शिक्षक चिन्हित, जल्द होंगे बर्खास्त

Sun, 23 May 2021 01:34 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

आत्मप्रकाश पांडेय और राम सागर चौधरी को विभाग ने पूर्व में किया है निलंबित।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कूटरचित दस्तावेजों के सहारे परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने वाले दो और शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग ने चिन्हित किया है। दोनों ही शिक्षकों को पूर्व में ही विभाग से निलंबित किया जा चुका है। इनके दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य आखिरी चरण में हैं। अगले महीने तक दोनों के बर्खास्त किए जाने की उम्मीद है।
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग ने कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले 88 फर्जी शिक्षकों को पिछले दो वर्षों में बर्खास्त किया है। 73 फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। सर्वाधिक 37 मुकदमे राजघाट थाने में बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर की ओर से पंजीकृत कराया गया है।

60 से अधिक मुकदमे पिछले डेढ़ वर्षों में दर्ज कराया गया है। जबकि 16 निलंबित शिक्षकों के खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग अभी जांच कर रहा है। बांसगांव ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टेकवार पर तैनात आत्मप्रकाश पांडेय और पिपराइच ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बेला पर तैनात रामसागर चौधरी के खिलाफ विभाग को फर्जी होने की शिकायत मिली थी।
विज्ञापन


जांच के दौरान आत्मप्रकाश पांडेय का यूपी टीईटी का अंकपत्र फर्जी मिला, वहीं संतकबीरनगर जिले में तैनात शिक्षक रामसागर चौधरी ने प्राथमिक विद्यालय बेला में तैनात शिक्षक पर फर्जी होने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में आरोप सही मिलने पर दोनों ही शिक्षकों को निलंबित करते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच सौंपी गई है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल करने वाले 16 से अधिक शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है। इन्हें विभाग की ओर से निलंबित किया जा चुका है। बीईओ की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलते ही बर्खास्तगी कर मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें