चंद पुलिस वालों की करतूत से पुलिस महकमा पहले भी बदनाम हो चुका है। लूट, रंगदारी, फिरौती, हत्या जैसे अपराधों में पुलिसकर्मी जेल जा चुके हैं। लेकिन, थाने से चोरी कराने का अपने आप में यह पहला मामला सामने आया है। जिस थाने में दीवान दूसरों के अपराध का हिसाब करता था, मंगलवार को उसी थाने से जेल भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक, संगीन धाराओं में अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने वाले पुलिसकर्मी कई बार महकमे की बदनामी का कारण बने हैं। गोरखपुर रेंज में ही बीते वर्षों में कई पुलिस वाले इसका उदाहरण हैं, जो अपराध से नाता रख चुके हैं। वर्दी वालों पर जब भी आरोप लगे हैं, संगीन रहे हैं। कोई छोटा मामला नहीं रहा है। कभी हत्या तो कभी अपहरण कर फिरौती, दुष्कर्म जैसे अपराध में इनकी संलिप्तता मिली है।
गोरखपुर में एसएसपी रहे सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज अपने सख्त रवैये के लिए जाने जाते थे। उनके कार्यकाल के दौरान उरूवा थाने में तैनात दरोगाओं पर 18 दिसंबर 2017 को अपहरण कर रंगदारी मांगने का केस दर्ज हुआ था। एक बार फिर लंबे समय बाद उसी तेवर में कार्रवाई होने से महकमे में कई तरह की चर्चाएं हैं। सभी अफसरों की सख्ती की प्रशंसा कर रहे हैं। वहीं, दागदार छवि वाले पुलिसकर्मियों में हड़कंप है। पुलिस वालों ने इस कार्रवाई को ‘जैसे को तैसा’ का नाम भी दे डाला है।