श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर एहतियात के तौर पर बरहज में तैनात पुलिस।(file)
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सवरेजी खर्ग गांव में मंगलवार की रात भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति को पुलिस द्वारा नहर में फेंकवा देने को लेकर गांववालों ने हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पर डीएम, एसपी और एसडीएम मयफोर्स गांव में पहुंचे।
गांववालों को मनाने के बाद रात दो बजे अधिकारी जिला मुख्यालय लौटे। बुधवार की सुबह भी तमाम भाजपा नेता गांव पहुंचकर इंस्पेक्टर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। एसपी ने थाना प्रभारी को लाइनहाजिर और इंस्पेक्टर क्राइम को अपराध शाखा भेज दिया।
सवरेजी खर्ग गांव निवासी राजन गोंड ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मूर्ति रखने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति ली थी। मंगलवार की रात पहुंची रामपुर कारखाना पुलिस ने अनुमति निरस्त होने की बात कहकर श्रीकृष्ण की मूर्ति को नहर में फेंकवा दिया। इससे गांव के लोग आक्रोशित हो गए। गांववालों ने कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के साथ ही डीएम और एसपी को मामले से अवगत कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम अमित किशोर, एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र, एसडीएम सदर सौरभ सिंह मयफोर्स रात में ही गांव पहुंचे। डीएम और एसपी ने गांववालों से काफी मान-मनौव्वल की। अधिकारियों के गलती मानने पर ग्रामीण शांत हुए। बुधवार की सुबह कई भाजपा नेता गांव पहुंचे और रामपुर कारखाना थाने के प्रभारी जयंत कुमार सिंह के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
भाजपा नेताओं ने इंस्पेक्टर जयंत कुमार सिंह को हटाने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने प्रभारी निरीक्षक जयंत कुमार सिंह को लाइनहाजिर कर दिया। उन्हें लाइन में एएचटीयू का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, इंस्पेक्टर क्राइम पद पर तैनात लालजी यादव को अपराध शाखा भेज दिया गया है।
सर्विलांस सेल के प्रभारी घनश्याम सिंह को रामपुर कारखाना का एसएसआई/प्रभारी थानाध्यक्ष बनाया गया है। इस बाबत एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि मूर्ति को नहर में फेंकने को लेकर गांव के लोग हंगामा कर दिए थे। मामले में इंस्पेक्टर जयंत सिंह और इंस्पेक्टर क्राइम लालजी यादव पर कार्रवाई की गई है।