वहां से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ पूर्व एमएलसी को जिला अस्पताल पहुंची। जबकि दूसरी तरफ उनसे जुड़े बरहज थाना क्षेत्र के गोपवापार निवासी कुणाल मल्ल, खुखुंदू थाना क्षेत्र के सुबीखर निवासी मनीष मिश्र और भुजौली कालोनी निवासी अश्विनी मणि तिवारी उर्फ बजरंगी को भी कोतवाली पुलिस गिरफ्तार करने के बाद जिला अस्पताल पहुंची।
पूर्व एमएलसी और अन्य तीनों का मेडिकल कराने के बाद रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इन सभी लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में व्यापारी की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में कार्रवाई की गई है।
इस मामले में हुई गिरफ्तारी
रामू द्विवेदी और उनके सहयोगी कुणाल मल्ल, बजरंगी उर्फ अश्विनी मणि, मनीष मिश्रा आदि पर आरोप है कि वर्ष-2012 में मेहड़ा पुरवा थाना कोतवाली के व्यवसायी निकुंज अग्रवाल से 10 लाख रुपये व उसके एवज में जमीन की अवैध मांग की थी। बाद में वादी पर आपराधिक दबाव बनाते हुए प्रकरण में अंतिम रिपोर्ट लगवा दी थी।
वादी के प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने न्यायालय से अनुमति लेकर मुअसं 2230/2012 में धारा 386/323/504/506 भादवि की पुनर्विवेचना की और साक्ष्य प्राप्त होने पर यह कार्रवाई की है। जबकि एक अन्य मामला में रामू द्विवेदी और उसके सह-अभियुक्तों ने कारोबारी संजय केडिया और उनके साथ के कुछ लोगों पर 17 फरवरी 2014 में फायरिंग की थी। उसमें एक व्यक्ति के पैर में गोली भी लगी थी।
इसमें आरोप है कि अवैध धन की मांग की गई थी। गोली लगने की पुष्टि होने के बावजूद धारा 307/384 भादवि का अपराध समाप्त करते हुए हल्की धाराओं में आरोप पत्र प्रेषित किया गया था। जबकि विवेचना में गोली लगने तथा अवैध धन की मांग की पुष्टि होने पर थाना कोतवाली पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई की है। इन दोनों मामलों में पुलिस ने पूर्व एमएलसी सहित अन्य को गिरफ्तार किया है।